नमस्ते सिनेमा के शौकीनों! काक-वाणी की चटपटी और तीखी दुनिया में आपका स्वागत है। एक जमाना था जब हम हॉलीवुड की फिल्मों और उनके स्पेशल इफेक्ट्स को देखकर दांतों तले उंगलियां दबा लेते थे। लेकिन अब हवा का रुख पूरी तरह बदल चुका है! अब हॉलीवुड के बड़े-बड़े सूरमा हमारी देसी फिल्मों के मुरीद हो रहे हैं। ताजा मामला हॉलीवुड के चर्चित एक्टर टॉम रीस हारिज (Tom Rhys Harries) का है, जो जल्द ही बहुचर्चित प्रोजेक्ट ‘क्लेफेस’ (Clayface) में मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में टॉम ने खुले दिल से माना है—“इंडियन सिनेमा इज हैविंग इट्स मोमेंट” यानी भारतीय सिनेमा का असली दौर तो अब आया है!
हॉलीवुड में गूंज रहा है देसी फिल्मों का डंका
टॉम रीस हारिज ने भारतीय फिल्मों और यहां के कंटेंट की दिल खोलकर तारीफ की है। उनका मानना है कि भारत की फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, बेजोड़ भावनाओं और अलग विजुअल स्टाइल से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। टॉम ने कहा कि जिस तरह से भारतीय सिनेमा अब ग्लोबल स्टेज पर अपनी धाक जमा रहा है, वह काबिले-तारीफ है। चाहे ‘आरआरआर’ के ‘नाटू-नाटू’ पर पूरी दुनिया का थिरकना हो या फिर ‘कांस फिल्म फेस्टिवल’ में भारतीय कहानियों का डंका बजना—हॉलीवुड अब यह अच्छी तरह समझ चुका है कि भारतीय सिनेमा को नजरअंदाज करना अब किसी के बस की बात नहीं है।
‘क्लेफेस’ स्टार क्यों हुए भारतीय स्टाइल के कायल?
काक-वाणी की गॉसिप डेस्क के मुताबिक, टॉम रीस हारिज खुद भी भारतीय सिनेमा की मेकिंग और यहां के निर्देशकों के काम को बड़े गौर से ट्रैक कर रहे हैं। उनका मानना है कि भारतीय कहानियों में जो ड्रामा, एक्शन, म्यूजिक और इमोशन का तड़का होता है, वह दुनिया के किसी और सिनेमा में देखने को नहीं मिलता। टॉम का यह बयान साबित करता है कि हॉलीवुड के कलाकार अब सिर्फ अपनी दुनिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भारतीय सिनेमा की ऊर्जा और कंटेंट की गहराई से प्रेरणा ले रहे हैं।
काक-वाणी का पंच: ‘अपना टाइम आ गया बॉस!’
देसी सिनेमा प्रेमियों के लिए यह किसी उत्सव से कम नहीं है। जब हॉलीवुड का एक उभरता हुआ लीड एक्टर सार्वजनिक मंच पर आकर भारतीय सिनेमा की तारीफों के पुल बांधता है, तो समझ जाइए कि हमारी फिल्मों का जादू सात समंदर पार सिर चढ़कर बोल रहा है। अब वो दिन दूर नहीं जब विदेशी सिनेमाघर भी हमारी तरह सीटी बजाकर बॉलीवुड और भारतीय फिल्मों का स्वागत करेंगे। तो आप भी पॉपकॉर्न संभालिए और हमारी देसी फिल्मों का जश्न मनाइए, क्योंकि टॉम रीस हारिज की मानें तो यह सुनहरा वक्त सिर्फ और सिर्फ हमारे सिनेमा का है!
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