एक जिंदगी की कहानी | The Story of a Life
रवि ने अपनी जिंदगी का टाला जब धीरे-धीरे खो दिया था तब उसे एहसास हुआ कि वह अब तक जिंदगी में जितनी आगे जा सकता था उससे बहुत कम चल पाया था। कहते हैं जिंदगी कभी भी अपने। रवि ने भी वही सोचा और सोचा कि अब उसे क्या करना है।
एक दिन रवि अपने घर में बैठा हुआ था, सोचता हुआ कि क्या होगा। उसने अपनी आंखें बंद कर ली। वह अनुभव करने लगा कि वह किसी अजनबी दुनिया में चला जा रहा है। दोनों हाथ बाएं ओर दोनों पैरों बाएं ओर वह एक गोल आकार के बने चाट की तरह घूम रहा है।
रवि ने अपनी आंखें खोली और देखा कि दुनिया वैसी ही है जैसी पहले थी। वह सोचने लगा कि क्या हुआ था और उसने इसे एक संकेत माना कि अब उसे कुछ अलग करना होगा।
रवि ने अपने मन में सोचा कि उसे अपनी जिंदगी को बदलने की जरूरत है। वह अपनी नाकामियों की सूची लिखने बैठा और सोचा, यह कौन सी समस्या है जो मैं अपने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए अंतिम तक अपने साथ नहीं लेकर जाना चाहता हूं।
एक घंटे बाद रवि ने इस सूची को समाप्त किया। उसने यह महसूस किया कि उसके जीवन में कुछ तो समस्याएं थीं। वह सोचने लगा कि उसे क्या करना चाहिए। उसके मन में एक विचार आया कि वह अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है।
रवि ने कुछ अच्छे सलाह ली और अपने वित्तीय स्थिति की जांच की। उसने अपने खर्चे को कम करना शुरू कर दिया था। उसने अपनी आदतों को भी बदल दिया और एक सफल व्यक्ति बनने के लिए काम करना शुरू कर दिया।
रवि ने एक खुशहाल जीवन जीता। वह अब एक सफल व्यक्ति था। उसे संतोष मिला कि वह अपने जीवन में कुछ कर दिया है। अब उसके जीवन में उसमे आनंद था।
यह सब रवि के जीवन के बदलाव के कारण हुआ था। वह इसे खुशी से गलत नहीं समझता था कि उसने अपनी जिंदगी में इतना बदलाव कर दिया है। वह अब एक सफल व्यक्ति बन चुका था।
अब रवि को खुश जीवन का अनुभव होने लगा था। वह अपनी नाई जिंदगी का लाभ उठा रहा था। अब उसे कुछ किस्मत की जरूरत नहीं है। उसकी जिंदगी में खुशी लौट आई है।
इसी तरह रवि ने अपनी जिंदगी को बदलने का काम किया। वह अधिक संतुष्ट जीवन जीता है। उसकी जिंदगी में एक नया चमत्कार हुआ था जो उसने अपनी आँखों से देखा नहीं था।
अतः रवि ने जो करना भी था वह किया। उसने अपनी समस्याएं हल की और अपनी जिंदगी को सफल बना दिया।