Title: आत्मा के अंतर्निहित प्रकाश को जगाएं
आत्मा को पहचानना तथा उसे समझना हर व्यक्ति की जरूरत है। बड़े-बड़े आध्यात्मिक गुरु ने कहा हैं कि नेत्रों के सामने जो मेरे दर्शन होते हैं, वो मेरे शरीर से नहीं होते हैं, वो मेरी आत्मा से होते हैं। इसलिए हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी होती है कि वो अपनी आत्मा को पहचानकर उसके अंतर्निहित प्रकाश को जगाये। इसलिए, आज हम विभिन्न आध्यात्मिक गुरुओं द्वारा कहे गए कुछ अमूल्य वचनों को जानेंगे जो हमारे आत्मा को पहचान तथा उसे जाग्रत करने में सहायक होंगे।
1. आत्मा से आत्मा को जोड़ते हुए आप अनंत शांति प्राप्त कर सकते हैं। – श्री रविशंकर
2. आत्मा जीवन का अनुभव करने के लिए नहीं, वरन् जीवन का अनुभव करने के लिए आत्मा है। – स्वामी विवेकानंद
3. ध्यान आपके आत्मा का एक स्वरूप है, जिसे आप पूजनीय बनाने के लिए उपयोग करते हैं। – श्री माँ आनंदमयी माँ
4. आत्मा का जागरण करते समय आप कभी भी संदेह करने वाले नहीं होंगे। – स्वामी सत्यानन्द सरस्वती
5. आत्मा अमर है, इसलिए इसे कुछ नहीं होता, न अवसाद होता है और न कभी मृत्यु होती है। – श्री श्री रविशंकर
6. जब आपकी आत्मा जाग्रत होती है, तब आप इस संसार के सभी बाधाओं को दारुण समझते हैं। – श्री श्री रविशंकर
7. आत्मा अनन्त है और वो संपूर्ण ब्रह्माण्ड का अंश है। – श्री रामकृष्ण परमहंस
8. आत्मा की खोज हमेशा अपने आप में होती है, इसलिए बाहरी वृत्तियों के साथ नाटक मत करो। – स्वामी विवेकानंद
9. जिस दिन आप अपनी आत्मा के साथ एक होंगे, उस दिन आप समस्त जगत का भला करेंगे। – स्वामी सद्गुरु
10. आत्मा, ईश्वर का बालक होता है, जो सभी सत्यों का ज्ञान रखता है। – श्रीमद् भगवद गीता
इन वचनों को ध्यान से समझें और अपनी आत्मा को पहचानें। जब आप अपनी आत्मा को पहचानेंगे, तब आप सम्पूर्ण जगत की समस्याओं का समाधान कर सकेंगे।