0

खुशियों की तलाश अमित एक सेल्स एग्जिक्यूटिव था, वह

Title: खुशियों की तलाश

अमित एक सेल्स एग्जिक्यूटिव था, वह एक IT कंपनी में काम करता था और अपनी जिंदगी में काफी असंतोष महसूस करता था। वह खुश नहीं था और अपने जीवन में कुछ नया खोजना चाहता था। एक बार एक सप्ताहेंद्र में उसे एक महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए बाहर जाना पड़ा।

वह अपने प्रियंका के साथ बहुत समय से मिले नहीं था जिससे कि वहें कभी अकेला महसूस नहीं करता था। इस बार अमित को उससे वाकिफ नहीं था कि वह कब तक दूर रह सकता है, उसे उसकी याद बहुत याद आती थी। लेकिन यह भी नहीं हो पाया कि एक बार महसूस कर सके कि उससे वाकई प्यार करता है या नहीं।

यूँ तो उसने इन सभी समस्याओं का सामना किया था, लेकिन इस बार कुछ अलग था। उसे लगता था कि शायद इस बार वह अपने आप से लड़कर कुछ नया खोज लेगा।

होटल से निकलने से पहले उसने दूसरे स्थानों पर जाने की सोची, फिर एक टिकट बुक करने के लिए अपने एक कर्मचारी से सेवा प्रदान करने के लिए कहा। अगले दो दिन तक वह एक नए शहर में रहा और उसने नए लोगों से मिली, नई जगहों के बारे में सुना और काफी विचुम्बित हुआ।

एक दिन, वह एक फूलों से भरी बाग में घूमते हुए एक महिला से मिला जिसने उसे जीता हुआ हुआ लगाया। अमित ने उसें कुछ सवाल पूछा और उसने उससे उत्तर दिया कि वही इस क्षमता का मालिक थी, जो उसे इस तरह की सुंदर बाग बनाने में मदद करती है।

दोनों ने बातचीत की और अमित को बताया कि उसकी सबसे अच्छी फ़्रेंड को मालूम नहीं हो पाता कि वह क्या चाहती है। वह उसकी मुस्कुराहट को बदलना चाहता था।

इस बात को सुनकर, अमित ने आश्चर्य जताया कि आदमी जिसने दुनिया में कई सारे लोगों के साथ काम किया है, वह खुशियां कैसे बना सकता है। उसने सोचा कि शायद उसको खुशियां की तलाश है और उसे इस महिला के मार्गदर्शन में घूमना चाहिए।

यह वाक्य था कि “जब आपको लगता है कि आपको खुशियां नहीं मिल रही हैं, तो आपको खुशियां बनाने के लिए कुछ करना होगा।” अमित ने देखा कि उसकी इसी ओर जाना होगा।

वह निर्णय लिया कि वह अपनी जीवन शैली बदलेगा और खुशियों के साथ नयी चीजों का आनंद लेगा। उसने दो दिन बाद लौटने के लिए अपनी उद्योग के करीबी से एक टिकट बुक किया क्योंकि उसे अब नीलगीरी जाना था।

उसने यह भी सोच लिया कि वह अगले सप्ताह देंगे और संपर्क के लिए एक नंबर छोड़ दिया। बस कुछ नहीं होगा।

अमित दो दिनों तक स्वस्थ भोजन और ताजगी वाले वापस आया, फिर उसने अपने काम के लिए सीधे कार्यालय जाना शुरू कर दिया। उसने जो किया, वही उसने वाकई मज़ा उठाया।

उसने समझ लिया था कि जब आप अपने जीवन में खुशियों की तलाश करते हैं, तो ऐसे लोगों से मिलते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।

जब अगले सप्ताह उसके रिमाइंडर पर टंग गया और उसने अपना नंबर बताकर महिला से बात हुई तो उसने जैसे नयी उमंग पायी। महिला ने उसे एक संतुलित जीवन के लिए टिप्पणी देने के लिए कहा और उसे अपने साथ रियल एस्टेट कार्यालय में ले गई।

वहां उसे ऊंचाई से दुनिया को देखने का मौका दिया गया और उसे बताया गया कि उसने जितने कामयाब होने की उमीद की थी, वह वाकई हो चुकी थी।

उसे लगता था कि वह जो कर रहा था, वह ऐसे कुछ काम नहीं था जो उसे संतुष्ट करे और आनंद दे। वह कुछ और करना चाहता था और इसी विचार के साथ उसने एक नए काम को शुरू करने का फैसला किया।

अमित को अब लगता था कि उसने अपनी खुशियों की तलाश टली रखी थी, जो अब हो चुके थे। वह अपने बंद कमरे से बाहर आया था और अब और नयी चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार था।

इस तरह अमित इन तमाम समस्याओं का सामना किया और अपनी खुशियों की तलाश में थकाने वाले महसूस से निजात पाया। वह संतुष्ट था कि उसने एक नया जीवन आरंभ करा था जो उसे वाकई खुशी दे रहा था।

इस तरह अमित खुश जीवन जीने की तलाश में नयी उमंग पाते हुए सफलता की सीमा को पार कर गया।

कागा जी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *