एक जमाना था जब हमारे बॉलीवुड के कई दिग्गज निर्देशक हॉलीवुड की फिल्मों की कहानियां और पोस्टर्स तक ‘प्रेरणा’ के नाम पर कॉपी कर लेते थे। लेकिन अब वक्त का पहिया ऐसा घूमा है कि खुद लॉस एंजिल्स के ‘गोरे साहब’ हमारे इंडियन सिनेमा के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं! जी हां, ‘द वीक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हॉलीवुड अब ‘दृश्यम’ और हाल ही में आई विजय सेतुपति की ब्लॉकबस्टर ‘महाराजा’ जैसी सुपरहिट भारतीय फिल्मों की तरफ टकटकी लगाए देख रहा है।
टोनी स्टार्क का दिमाग भी अब देसी सस्पेंस के आगे फेल!
बात जब सस्पेंस और थ्रिलर की आती है, तो मोहनलाल और अजय देवगन की ‘दृश्यम’ ने जो 2 अक्टूबर और पाव-भाजी वाला इतिहास रचा था, उसने पश्चिमी दुनिया के फिल्म मेकर्स के दिमाग की बत्ती जला दी है। खबर पक्की है कि ‘दृश्यम’ का ऑफिशियल अंग्रेजी रीमेक बनने जा रहा है। अब जरा सोचिए, हॉलीवुड का जॉन या सैम भी अपनी फैमिली को बचाने के लिए 2 अक्टूबर के रेस्टोरेंट बिल संभालेगा! कितना मजेदार होगा जब गॉडफादर की धरती पर ‘स्वामी चिन्मयानंद जी का सत्संग’ अंग्रेजी में डब होकर गूंजेगा!
‘महाराजा’ के कूड़ेदान ने उड़ा दी रातों की नींद
सिर्फ ‘दृश्यम’ ही नहीं, तमिल सिनेमा की मास्टरपीस फिल्म ‘महाराजा’ ने भी हॉलीवुड के बड़े-बड़े प्रोड्यूसर्स का सिर चकरा दिया है। विजय सेतुपति की इस फिल्म का नॉन-लीनियर स्क्रीनप्ले और वो ‘लक्ष्मी’ (कूड़ेदान) वाला सस्पेंस देखकर विदेशी मेकर्स कह रहे हैं, “माय गॉड! ऐसा गजब का आईडिया हमारे दिमाग में क्यों नहीं आया?”
क्या खत्म हो गया हॉलीवुड का ‘क्रिएटिव जूस’?
सच तो यह है कि हॉलीवुड में पिछले कुछ सालों से सिर्फ सुपरहीरो, वीएफएक्स और पुरानी फिल्मों के घिसे-पिटे सीक्वल की भरमार चल रही थी। दर्शक भी वही-वही देखकर बोर हो चुके थे। ऐसे में भारतीय सिनेमा की मजबूत और नए आइडियाज वाली कहानियों ने हॉलीवुड के लिए संजीवनी बूटी का काम किया है। अब उन्हें समझ आ गया है कि असली दिमाग घुमा देने वाला सस्पेंस तो भारत के पास है!
काक-वाणी का टेक
तो दोस्तों, अब गर्व से अपनी छाती चौड़ी कर लीजिए। जो हॉलीवुड कभी भारतीय सिनेमा को कम आंक
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