बॉलीवुड सिर्फ गानों, ड्रामे और स्टार्स का खेल नहीं है, बल्कि यह भारत की छुपी हुई खूबसूरत लोकेशंस की खोज करने वाली एक जादुई छड़ी भी है। कई बार जो ऐतिहासिक स्थल वक्त की धूल में कहीं खो जाते हैं, उन्हें हमारी हिंदी फिल्में एक ही झटके में मशहूर कर देती हैं। आर्किटेक्चरल डाइजेस्ट इंडिया (Architectural Digest India) ने हाल ही में भारत की ऐसी ही 6 भूली-बिसरी धरोहरों पर रोशनी डाली है, जिन्हें बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्मों ने हमेशा-हमेशा के लिए अमर बना दिया। आइए ‘काक-वाणी’ के इस खास आर्टिकल में जानते हैं उन लोकेशंस के बारे में!
1. चापोरा फोर्ट, गोवा – ‘दिल चाहता है’
गोवा के इस पुराने किले को शायद इतिहासकार भी भूल चुके थे, लेकिन साल 2001 में आई फिल्म ‘दिल चाहता है’ में आमिर खान, सैफ अली खान और अक्षय खन्ना ने इसकी दीवार पर बैठकर जो पोज दिया, उसने इस जगह की किस्मत ही बदल दी। आज पर्यटक इसे चापोरा फोर्ट कम और ‘दिल चाहता है फोर्ट’ के नाम से ज्यादा पहचानते हैं।
2. नगर कैसल, हिमाचल प्रदेश – ‘जब वी मेट’
करीना कपूर और शाहिद कपूर का सुपरहिट गाना ‘ये इश्क हाय’ तो आपको याद ही होगा? कुल्लू के खूबसूरत नगर कैसल (Naggar Castle) में इस गाने की शूटिंग हुई थी। लकड़ी और पत्थरों के बेजोड़ जोड़ से बनी यह प्राचीन इमारत फिल्म के बाद हर ट्रैवलर की बकेट लिस्ट में शामिल हो गई।
3. मेनार गांव, राजस्थान – ‘स्वदेस’
शाहरुख खान की कालजयी फिल्म ‘स्वदेस’ में जिस तालाब के किनारे गांव की बैठकें और रामलीला दिखाई गई थी, वह उदयपुर का ऐतिहासिक मेनार गांव है। यह जगह अपनी पौराणिक बावड़ियों और समृद्ध इतिहास के लिए मशहूर है, जिसे फिल्म ने दर्शकों के दिलों में उतार दिया।
4. नाहरगढ़ फोर्ट, जयपुर – ‘रंग दे बसंती’
फिल्म ‘रंग दे बसंती’ में आमिर खान और सिद्धार्थ का स्टेपवेल (बावड़ी) में फ्री-फॉल करने वाला सीन आज भी रोंगटे खड़े कर देता है। जयपुर के नाहरगढ़ किले की यह खूबसूरत बावड़ी इस फिल्म के रिलीज होने के बाद युवाओं का सबसे पसंदीदा हैंगआउट स्पॉट बन गई।
5. अग्रसेन की बावली, दिल्ली – ‘पीके’
कनेक्टिंग दिल्ली के बीचों-बीच स्थित यह मध्यकालीन बावड़ी लंबे समय तक गुमनाम रही। लेकिन जब फिल्म ‘पीके’ में आमिर खान के एलियन कैरेक्टर ने इसे अपना ठिकाना बनाया, तो इस ऐतिहासिक जगह की खूबसूरती और रहस्यमयी वास्तुकला दुनिया के सामने आ गई।
सिनेमा और भारतीय विरासत का अनोखा संगम
काक-वाणी के पाठकों, अगर आप भी घूमने-फिरने के शौकीन हैं और भारतीय सिनेमा से प्यार करते हैं, तो अपनी अगली ट्रिप में इन ऐतिहासिक धरोहरों का रुख जरूर करें। बॉलीवुड ने न केवल हमारा मनोरंजन किया है, बल्कि भारत के इस समृद्ध वास्तुकला इतिहास को फिर से जिंदा करने में भी अहम भूमिका निभाई है।
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