जीवन का उद्देश्य
एक समय की बात है, एक अनुशासित समाज में जन्म लेने वाले निर्मल नाम का एक युवक था। उसे बचपन से ही ध्यान व संयम की सीख मिली थी और इसी शिक्षा की मदद से वह ज्यादा समय अपने शैक्षिक विकास में लगाता था। उसे पढ़ाई से बहुत लगाव था और उसके माता-पिता भी उसके इस प्रयास को पूरा करने के लिए उसकी मदद करते थे।
कुछ समय बाद, निर्मल युवक को जीवन का उद्देश्य क्या है, इस बारे में सोचने लगा। उसे अपने एक स्कूल के शिक्षक ने कहा था कि जीवन का मकसद हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होता है और हर किसी को इसे खोजना चाहिए। निर्मल मन ही मन उस शिक्षक के बोल गमिश रहा था।
फिर एक दिन उसे एक बहुत ही अलग लोगों की सभा में जाना पड़ा। वह इस बात से बेहद हैरान हुआ कि सभी लोगों के पास अलग-अलग उद्देश्य थे। कुछ लोगों के लिए उद्देश्य धन कमाना था, तो कुछ के लिए समाज की सेवा करना था। लेकिन उसे अपने उद्देश्य पर विश्वास नहीं था।
उस दिन से निर्मल बहुत सोचने-समझने लगा। उसे अपने उद्देश्य की तलाश थी और वह हर किसी से इस बारे में बात करने लगा। बड़े-बड़े लोगों से लेकर अपने दोस्तों तक से निर्मल उद्देश्य की तलाश करता रहा।
एक दिन उसकी माता ने उसे बताया कि उसे योग का अभ्यास करने की जरूरत है। उसे योग की सीख मिलेगी तो उसे दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण उद्देश्य का पता चलेगा। इससे निर्मल को बड़ा ही हैरानी हुई, क्योंकि उसे तो योग सिर्फ अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए करना था। लेकिन अब उसे पता चला कि योग उनको यह जानने में भी मदद करता है कि वह अपने जीवन का उद्देश्य क्या है।
निर्मल ने तुरंत योग सीखना शुरू किया। वह जरा ही देर में समझ गया कि उन्हें जीवन का उद्देश्य क्या है। उसे अंतर्मुख करने की सीख मिली। उसका उद्देश्य वह महसूस करने लगा था। वह अपने जीवन में कम नहीं, अपितु भलाई फैला सकता था, इससे उसे बड़ी खुशी मिलती थी।
कुछ ही समय में उसमें बदलाव आ गया था। वह अब खुश था और अपनी प्रतियोगिताओं के बीच भी प्रसन्नता बरतने लगा। उसे लगातार सफलता मिलती रही और वह अपने सपनों के महत्त्व समझने लगा।
निर्मल और उसकी टीम में एक दिन खेलकूद से ठहराव आ गया था। इस समय, निर्मल जनता की सेवा के लिए अपना बचपन के इस संस्कार को अपनाये जाने का निर्णय लेता है। वह किसी भी विद्यार्थी को मौका देता था जो समाज सेवा कैंप से गुजर रहा था। वह उनसे नहीं मिलता था, लेकिन उसने वहां पहुंच कर अपने स्कूल, संस्थान और समाज में समाज के लिए सेवा करने की बात बताई।
निर्मल की यह बात अपने विद्यार्थियों ने समझी और सभी ने तुरंत समर्थन दिया। वे सभी अगले दिन समाज सेवा कैंप में शामिल होने जा रहे थे।
यह सीख, जो निर्मल ने योग से सीखी, उसने उसकी ज़िन्दगी बदल दी थी। सभी इन बातों से प्रभावित हुए थे और वे समाज के लिए एक साथ आगे रवैया बनते चले गए।
इस तरह निर्मल को उस ने जीवन का उद्देश्य ढूंढ लिया था और जब उसने इस उद्देश्य के लिए काम करना शुरू किया, तो उसे सफलता मिलती रही। उसने देखा कि उसका जब वह दुनिया की सेवा के लिए काम करता है, तो उसे प्रसन्नता का एहसास होता है।
इस तरह, जब हम जीवन का उद्देश्य समझने में सक्षम होते हैं तब हम जीवन के असली मकसद से जुड़ते हैं और बड़ी सफलता हासिल करते हैं।