नाना पाटेकर और बॉलीवुड का ‘एंटी-हीरो’ स्वैग: जब शरीफ हीरो से ऊब गई पब्लिक!

अरे ओ काक-वाणी के चटोरे पाठकों! जरा सोचिए, अगर बॉलीवुड में सिर्फ वही ‘सफेद टोपी’ वाले सीधे-साधे हीरो होते जो कभी गुस्सा नहीं करते, कभी नियम नहीं तोड़ते और हमेशा हाथ जोड़कर खड़े रहते, तो सिनेमा कितना बोरिंग होता? भगवान का शुक्र है कि हमारे पास नाना पाटेकर जैसे सितारे आए, जिन्होंने हीरो की परिभाषा ही बदलकर रख दी!

हाल ही में ‘फ्रंटलाइन मैगजीन’ (Frontline Magazine) ने एक बेहद दिलचस्प आर्टिकल निकाला है- ‘नाना पाटेकर एंड द एंटी-हीरो इन इंडियन सिनेमा’। इस हेडलाइन ने बी-टाउन के गलियारों में फिर से उस दौर की यादें ताजा कर दी हैं, जब पर्दे पर


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कागा जी