नाना पाटेकर: जब बॉलीवुड के ‘एंटी-हीरो’ ने बदला सिनेमा का तेवर!

बॉलीवुड में जब भी कोई डायलॉग तेजी से बोलकर, आंखें बड़ी-बड़ी करके और उंगलियां नचाकर अपनी बात रखता है, तो दिमाग में सबसे पहला नाम आता है—नाना पाटेकर! “आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने…” कहने वाले नाना सिर्फ एक अभिनेता नहीं हैं, बल्कि सिनेमा के उस दौर का चेहरा हैं जब परदे पर ‘हीरो’ का सफेद और ‘विलेन’ का काला होना बंद हो गया था। हाल ही में फ्रंटलाइन मैगजीन ने भारतीय सिनेमा में ‘एंटी-हीरो’ के विकास और उसमें नाना पाटेकर के ऐतिहासिक योगदान पर एक बेहतरीन विश्लेषण प्रस्तुत किया है।

जब विलेन नहीं, ‘एंटी-हीरो’ बना कहानी का असली हीरो

एक दौर था जब बॉलीवुड में हीरो हमेशा मुस्कुराता हुआ शरीफ लड़का होता था और विलेन अट्टहास लगाता हुआ कोई ‘मोगाम्बो’ या ‘शाकाल’। फिर सिनेमा के कैनवास पर नाना पाटेकर का आगमन हुआ! फिल्म ‘परिंदा’ का खौफनाक ‘अन्ना’ याद है आपको? या फिर ‘क्रांतिवीर’ का सिस्टम से चिढ़ा हुआ ‘प्रताप’? नाना ने ऐसे किरदार निभाए जो न तो पूरी तरह से संत थे और न ही पूरी तरह से शैतान। वे समाज की विषमताओं से उबले हुए, गुस्से से भरे और अपने वसूलों पर जीने वाले किरदार थे। इसी ग्रे-शेड को सिनेमा में ‘एंटी-हीरो’ कहा गया, जिसे नाना ने अमर कर दिया।

चॉकलेट बॉय्स के दौर में ‘रफ-एंड-टफ’ देसी क्रांति

90 के दशक में जहां एक तरफ रोमांटिक एक्टर्स पेड़ों के इर्द-गिर्द नाच रहे थे, वहीं दूसरी तरफ नाना पाटेकर अपनी कड़क आवाज और सनकी अंदाज से थिएटर्स की सीटियां बटोर रहे थे। ‘अब तक छप्पन’ का एनकाउंटर स्पेशलिस्ट साधु आगाशे हो या ‘अपहरण’ का चालाक नेता तबरेज आलम, नाना ने साबित किया कि पर्दे पर छाने के लिए सिर्फ गुड-लुक्स नहीं, बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाली एक्टिंग की जरूरत होती है। फ्रंटलाइन के लेख के मुताबिक, नाना ने एंटी-हीरो को सिर्फ एक ‘अपराधी’ नहीं बनाया, बल्कि उसमें आम इंसान का दर्द और बगावत भर दी।

‘काक-वाणी’ का टेक: नाना का स्टाइल आज भी हिट है!

काक-वाणी का मानना है कि आज की फिल्मों में जो ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ या ‘एनिमल’ जैसे एंटी-हीरो किरदारों का बोलबाला है, उसकी मजबूत नींव दशकों पहले नाना पाटेकर जैसे धुरंधर ने ही रखी थी। उनके डायलॉग्स आज भी मीम्स में जिंदा हैं और उनकी इंटेंसिटी का कोई मुकाबला नहीं है। सच कहें तो, नाना ने बॉलीवुड को सिखाया कि कभी-कभी नियमों को तोड़ने वाला बंदा ही दर्शकों के दिलों को सबसे ज्यादा जोड़ता है!


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कागा जी