सुबह की पहली चाय भले ठंडी हो जाए, लेकिन व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का ‘ज्ञान का चूल्हा’ कभी ठंडा नहीं होता। गुड मॉर्निंग के चमकीले फूल-पत्तियों वाले मैसेज के साथ ही कैंसर भगाने वाले नुस्खे, फ्री रिचार्ज के वादे और नासा के ‘गुप्त वैज्ञानिक’ आपकी स्क्रीन पर टपकने लगते हैं। आज ‘काक-वाणी’ की विशेष टीम ने इस वायरल ज्ञान के सच और झूठ की पड़ताल की है।
1. यूनेस्को और नासा का अचानक जागा ‘भारतीय प्रेम’
व्हाट्सएप के ज्ञानी प्रोफेसरों का दावा है कि यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रगान को दुनिया का ‘सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित किया है। इसके तुरंत बाद मैसेज आता है कि नासा ने माना है कि संस्कृत बोलने से कंप्यूटर का प्रोसेसर 200 गुना तेज काम करने लगता है।
फैक्ट चेक: यूनेस्को खुद परेशान है कि उसने इतने अवॉर्ड कब और किसको बांट दिए! सच्चाई यह है कि यूनेस्को ने ऐसा कोई मुकाबला कभी कराया ही नहीं। लेकिन जब आपके मोहल्ले के अंकल ने यह मैसेज 20 ग्रुप में फॉरवर्ड कर दिया है, तो बेचारी नासा मना भी कैसे करे!
2. किचन के डॉक्टर और ‘अमरता’ का काढ़ा
व्हाट्सएप की मेडिकल फैकल्टी के अनुसार, गरम पानी में दो बूंद नीम्बू और एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीने से कैंसर जैसी बीमारी चुटकी में गायब हो सकती है। एम्स के डॉक्टर सालों पढ़ाई करके बेकार ही परेशान हो रहे हैं, जब इलाज आपकी रसोई में ही छुपा है!
फैक्ट चेक: नीम्बू-पानी सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन यह अमरता का सिरप बिल्कुल नहीं है। बिना डॉक्टर की सलाह के व्हाट्सएपिया इलाज अपनाने से बीमारी ठीक हो न हो, पेट में गैस जरूर बन सकती है।
3. 11 लोगों को भेजें और 5 मिनट में चमत्कार देखें!
‘इस मैसेज को तुरंत 11 लोगों को भेजिए, शाम तक कोई बहुत बड़ी खुशखबरी मिलेगी। इग्नोर किया तो फोन की स्क्रीन फूट जाएगी!’ इस तरह के मैसेज व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के सबसे पुराने पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
ज्ञान का बटन दबाने से पहले थोड़ा ठहरें!
व्हाट्सएप पर आया हर मैसेज सत्यवचन नहीं होता। बिना जांचे-परखे ‘फॉरवर्ड’ का बटन दबाना वैसा ही है जैसे आंख बंद करके सड़क पार करना। तो अगली बार जब कोई मैसेज कहे कि नासा ने आपकी तस्वीर को ब्रह्मांड का सबसे सुंदर चेहरा माना है, तो कृपया आईना देखें, मैसेज फॉरवर्ड न करें!