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प्रेम का परिणाम जोन एक ऐसा लड़का था जो कभी

Title: प्रेम का परिणाम

जोन एक ऐसा लड़का था जो कभी किसी से प्यार नहीं करता था। उसमें मां-बाप की लापरवाही के और दोस्तों की शरारतों के वजह से एक ऐसी सोच बन गई थी। जोन के दोस्त रोहित उन लड़कियों के साथ मस्ती करने के बजाए उनसे फ्लर्ट करने की कोशिश करता था। जोन इसके लिए उसे पीटता था।

किसी दिन जोन का ईमानदारियों से भरा दिल उसे एक लड़की के साथ बैठक में जाने को कहा। जोन का दिल इस लड़की के साथ बहुत पहले से लग चुका था। वह थोड़ी शरमिली और काफी सुंदर थी। जोन उसके साथ बैठने के बाद खुश था। बैठने के दौरान, दोनों की बातें आम थीं लेकिन समय-समय पर जोन अपनी आंखों से उसे साफ नजर लगाने लगता था। वह उसे समझ नहीं पा रहा था कि शायद उसे इस लड़की से प्यार हो गया हो।

दोनों कई दिनों तक मिलते रहे और शान्तिपूर्ण बातें करते रहे लेकिन जोन के मन में उस लड़की के प्रति अकूत आकर्षण बढ़ता जा रहा था। एक दिन, जब जोन उस लड़की के साथ होली मना रहा था, तभी उसके दिल में उसे अपने आप से पूछता देखा –

‘तुम इस लड़की से प्यार करते हो?’

जोन ने अपने आप से सोचा और दिल से उतरा कि वह उस लड़की से सच में प्यार करता नहीं था। वह सिर्फ उसकी खूबसूरती और उसके साथ बिताए जाने वाले समय से प्रभावित था।

जब जोन उस घटना से बाहर निकला तो उसे खुशी हुई कि उसने अपने दिल को साफ़ किया। परंतु जब उसने देखा कि वह लड़की रोहित से प्यार करती है, तब उसे दुखी भी हुआ। उसने धीरे से उस लड़की से अलविदा कह दी।

जोन अब सपने देखता और सोचता था जिस लड़की से उसे प्यार हो जाएगा उसके साथ ज़िन्दगी भर का साथ देगा।

उसका स्कूल दूसरे शहर में था तो उसने दोस्तों से वहाँ जाने का प्लान बनाया। उसके दोस्त रोहित, राजत और नील भी उसके साथ चलने के लिए आग्रह कर रहे थे।

जब जोन ने उस शहर में जाकर उस लड़की से मिला तो वह उसे मुलाकातों में अपनी उपस्थिति से खुश नहीं होने देता था। उस लड़की के साथ बातें करने के लिए वह सही शब्दों को नहीं ढूंढ पा रहा था। लड़की ने उसके इस रुख से संतुष्ट नहीं होकर, उससे दूर हो गई।

जोन की उनसे मुलाकात के बाद हद कर गयी थी। उसके सभी दोस्त चले गए थे और उसका छंटनी-फोड़नी करने का उत्साह कभी नहीं रहा। वह तनहा हो गया था। हालांकि, सबसे बड़ी समस्या थी कि उसने खुद को अपने भावों से कबूतर बना लिया था लेकिन उसे कभी नहीं समझ पाया था कि प्यार बाहर नहीं बल्कि अंदर से होता है।

उसके मन में इतना अस्थिरता थी कि वह किसी भी स्थिति में खुश नहीं था। उसने कुछ दिनों तक आत्महत्या के बारे में सोचा। लेकिन फिर एक दिन, उसने सोचा कि वह अपनी गलतियों से सीख लेना चाहता था।

उसने अपने शुभचिंतकों को परेशान कर देते हुए स्कूल के वैयक्तिक रूप से अनुशासन और शांति के बारे में जानने की विचारणा की। उसने अपना शुभचिंतकों के साथ खुशहाली से जीना शुरू किया और उसकी ज़िन्दगी बदल गयी। उसका मन शांत हो गया था और वह प्यार के बारे में विभिन्न रूपों में सोचता था।

कुछ दिनों बाद, उसने उस लड़की से फिर से मुलाकात की और उससे दोस्ती की। वह अपने दोस्तों के साथ फ्लर्ट नहीं करने लगा था या न ही लड़कों के बारे में सोचा। उसने पिछली बातों से सीख ली थी जब उसने लड़की से बातें करने का तरीका चुना। उससे हमेशा एकदम सीधा सवाल करता था।

उस लड़की अपने ख़ुशनुमा अंदाज में बोली, “आप मेरे पास एक कफी व्यक्तिगत सवाल पूछ रहे थे।”

“हाँ, मैं आपसे प्यार करता हूँ। आपकी खूबसूरती मेरा मन बहुत खिंचती है, लेकिन मैंने अपने व्यवहार से सीखा है कि प्यार अंदर से होता है।”

लड़की को अच्छी लगी क्योंकि वह सोचती थी कि इससे वह आयाम दिखाने के लिए समर्थ हो सकता है। दोनों ने एक दूसरे से अपने भावों को साझा किया और उन्होंने एक-दूसरे के सहयोग से एक सुंदर रिश्ता एक साथ बना लिया।

जोन समझ गया कि सच्ची अंतर्निहित प्रतिक्रिया की ओर ले जाने के लिए उसे ध्यान देना चाहिए। उसकी ज़िन्दगी में अब उसके सहयोग के रुप में और अपने महसूस किए जाने वाले व्यक्तिगत विषयों के जरिए प्यार था। प्रेम का परिणाम उसके जीवन के अच्छे साथ था।

कागा जी

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