बाबा का चमत्कार! Hanuman Ansh ने बॉक्स ऑफिस पर उड़ाया गर्दा, कमाई में Toxic को पछाड़ा

बाबा नीम करोली का चमत्कार, बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ की जय-जयकार!

बॉलीवुड में जब भी भारी-भरकम बजट और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्मों का शोर होता है, तो अक्सर कुछ आध्यात्मिक और दिल को छू लेने वाली फिल्में चुपके से आकर बाजी मार लेती हैं। कुछ ऐसा ही अनोखा नजारा इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर देखने को मिल रहा है। ‘काक-वाणी’ की पैनी नजर से आज हम आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी खबर, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे—’जय बाबा की!’ बाबा नीम करोली के आशीर्वाद पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ (Hanuman Ansh) ने बॉक्स ऑफिस पर वो कर दिखाया है, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े पंडितों ने भी नहीं की थी।

28वें दिन भी थियेटर्स में हाउसफुल, कमाए इतने करोड़

दि इंडियन एक्सप्रेस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने अपनी रिलीज के 28वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। फिल्म ने अब तक कुल मिलाकर 86 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है। अमूमन जहां आज के दौर की फिल्में एक या दो हफ्ते में ही सिनेमाघरों से विदा ले लेती हैं, वहीं यह फिल्म अपने चौथे हफ्ते में भी दर्शकों को थियेटर्स तक खींचने में कामयाब रही है। बाबा नीम करोली के चमत्कारों और उनके जीवन के प्रति लोगों की श्रद्धा ने इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया है। स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग जैसी हस्तियों को प्रभावित करने वाले बाबा की कहानी को दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया है।

‘Toxic’ की हवा हुई टाइट, तीन गुना पीछे छूटी फिल्म!

इस बॉक्स ऑफिस रेस का सबसे मजेदार मोड़ तो अब आया है। ‘काक-वाणी’ को मिली रिपोर्ट के अनुसार, ‘हनुमान अंश’ ने सुपरस्टार्स से सजी एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘Toxic’ को पटखनी दे दी है। कमाई के मामले में ‘हनुमान अंश’ ने ‘Toxic’ के मुकाबले तीन गुना (3x) से भी ज्यादा का बिजनेस किया है। जहां बड़े बजट की एक्शन पैक्ड फिल्म ‘Toxic’ बॉक्स ऑफिस पर हांफती हुई नजर आ रही है, वहीं बिना किसी शोर-शराबे और तड़क-भड़क के ‘हनुमान अंश’ ने सफलता का नया इतिहास लिख दिया है। इसे कहते हैं असली कंटेंट और विश्वास की जीत!

काक-वाणी की दो टूक: मसाला नहीं, अब मिट्टी की खुशबू चलेगी

इस फिल्म की अप्रत्याशित सफलता ने बॉलीवुड के उन मेकर्स को करारा जवाब दिया है जो सोचते हैं कि केवल महंगी गाड़ियां उड़ाने और नकली एक्शन दिखाने से ही फिल्में चलती हैं। भारतीय दर्शकों ने साफ संदेश दे दिया है कि वे अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपनी आस्था से जुड़ी कहानियों को देखने के लिए हमेशा तैयार हैं। तो भाई, अगर आपने अब तक थियेटर जाकर बाबा नीम करोली के इस चमत्कार को नहीं देखा है, तो फटाफट टिकट बुक कराइए। काक-वाणी का बॉलीवुड के निर्देशकों को यही मुफ्त का मशविरा है—मसाला फिल्में बनाना थोड़ा कम करो और जरा हमारे इतिहास और आस्था पर भी ध्यान दो!


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कागा जी