नमस्कार पाठकों! ‘काक-वाणी’ के सबसे लोकप्रिय और ज्ञानवर्धक सेक्शन ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में आपका स्वागत है। अगर आज सुबह आपके फोन पर ‘गुड मॉर्निंग’ के साथ यूनेस्को द्वारा भारतीय संस्कृति को दुनिया की सबसे महान संस्कृति घोषित करने का मैसेज नहीं आया है, तो यकीन मानिए, आपकी सुबह अभी अधूरी है। इस यूनिवर्सिटी में ज्ञान का झरना 24 घंटे बहता है, बस शर्त यह है कि आपको इसे तुरंत 10 लोगों को फॉरवर्ड करना होता है, वरना रात को कुछ बुरा हो सकता है!
नासा का शंखनाद और यूनेस्को की मोहर
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के मुख्य शोधकर्ताओं, यानी हमारे मोहल्ले के सर्वज्ञानी अंकल जी, का मानना है कि नासा जब भी अंतरिक्ष में कोई नया सैटेलाइट भेजता है, तो उसे वहां केवल शंख की ध्वनि या मंत्र ही सुनाई देते हैं। इतना ही नहीं, इस यूनिवर्सिटी के अनुसार यूनेस्को हर दूसरे हफ्ते भारत के 500 रुपये के नोट, राष्ट्रगान या किसी मुख्यमंत्री को ‘दुनिया में सबसे बेहतरीन’ का अवॉर्ड देता रहता है। सच्चाई यह है कि नासा और यूनेस्को के अधिकारियों को खुद नहीं पता होता कि उन्होंने रातों-रात व्हाट्सएप पर इतना बड़ा फैसला ले लिया है।
मेडिकल साइंस भी पानी भरता है
यदि आप व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के नियमित छात्र हैं, तो आपको भविष्य में किसी डॉक्टर या अस्पताल की जरूरत कभी नहीं पड़ेगी। यहाँ हर बीमारी का इलाज मौजूद है। दावा किया जाता है कि कान में प्याज का रस डालने से मोतियाबिंद ठीक हो जाता है और सुबह-सुबह गर्म पानी में चुटकी भर हल्दी मिलाने से हर वायरस भाग खड़ा होता है। बेचारी दुनिया भर की मेडिकल साइंस सालों से रिसर्च कर रही है, और यहाँ हमारे फूफा जी ने दो लाइन का फॉरवर्ड मैसेज भेजकर पूरी मानव जाति को अमर बनाने की दवा खोज ली है!
फैक्ट-चेक: काक-वाणी की कड़वी सच्चाई
अब आते हैं इस कांव-कांव के असली सच पर। फैक्ट-चेक यह कहता है कि इन वायरल मैसेजों का विज्ञान, इतिहास या तर्क से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं होता। यह सिर्फ लोगों की भावनाओं और अंधविश्वास का फायदा उठाकर फॉरवर्ड की चेन बनाने का एक जरिया है। जब आप बिना पढ़े और बिना जांचे ऐसे मैसेज आगे भेजते हैं, तो आप ज्ञान नहीं, बल्कि समाज में भ्रम का कचरा फैला रहे होते हैं।
निष्कर्ष: फॉरवर्ड का बटन दबाने से पहले सोचें
‘काक-वाणी’ की सीधी और तीखी सलाह यही है कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की इस फर्जी डिग्री को अपने पास ही रखें। हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती और हर ‘फॉरवर्डेड ऐज रिसीव्ड’ मैसेज सच नहीं होता। अगली बार जब आपके पास नासा या यूनेस्को का कोई नया फरमान आए, तो फॉरवर्ड बटन दबाने से पहले अपनी तर्कशक्ति की बत्ती जलाएं और उस मैसेज को वहीं डिलीट कर दें!