नासा का फरमान और यूनेस्को का अवार्ड: जानिए व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की असीम महिमा!

अगर आपके सुबह की शुरुआत ‘गुड मॉर्निंग’ के फूलों वाले स्टीकर से नहीं, बल्कि “नासा ने चेतावनी दी है कि आज रात 12 बजे अंतरिक्ष से खतरनाक रेडिएशन गिरेगा” वाले मैसेज से होती है, तो बधाई हो! आप आधिकारिक रूप से ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के ज्ञानवान छात्र हैं। इस महान विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ बिना परीक्षा दिए हर कोई वैज्ञानिक, डॉक्टर और इतिहासकार की डिग्री लेकर घूम रहा है।

1. यूनेस्को का ‘सर्वश्रेष्ठ’ का चक्रव्यूह

व्हाट्सएप की दुनिया में यूनेस्को इतना खाली बैठा है कि वह रोज भारत की किसी न किसी चीज़ को ‘दुनिया में सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करता रहता है। कभी हमारा राष्ट्रगान दुनिया में सबसे बेहतरीन घोषित हो जाता है, तो कभी हमारी भाषा, और कभी-कभी तो हमारे देश की सड़कों को दुनिया की सबसे सुरक्षित सड़क का अवार्ड मिल जाता है।

सच क्या है? अगर आप यूनेस्को के अधिकारियों से पूछेंगे तो वे भी अपना सर पकड़ लेंगे! यूनेस्को ने ऐसा कोई सर्वे कभी कराया ही नहीं। लेकिन व्हाट्सएप के प्रोफेसरों का मानना है कि जो काम संस्था ने नहीं किया, वह काम हम ‘फॉरवर्ड’ का बटन दबाकर पूरा करवा सकते हैं!

2. किचन के मसालों से कैंसर का चुटकी में इलाज!

यहाँ एमबीबीएस और एमडी की डिग्रियों की कोई औकात नहीं है। व्हाट्सएप के ‘डॉक्टर अंकल’ का दावा है कि अगर आप रात को गर्म पानी में नींबू निचोड़कर, उसमें दो चुटकी हल्दी डालकर पी लें, तो आपके शरीर का कैंसर, डायबिटीज और दिल की बीमारी एक साथ गायब हो जाएगी!

फैक्ट चेक: बेचारों डॉक्टरों ने सालों पढ़ाई में क्यों गंवाए, जब सारा इलाज तो रसोई घर में ही छुपा था? आधुनिक चिकित्सा विज्ञान चिल्ला-चिल्लाकर थक चुका है कि नींबू और अदरक स्वाद बढ़ा सकते हैं, गंभीर बीमारियाँ नहीं मिटा सकते। पर हमारे ‘व्हाट्सएप वैद्यों’ को तो फॉरवर्ड दबाने की जल्दी होती है।

3. 11 लोगों को भेजें, वरना किस्मत रूठ जाएगी!

इस विश्वविद्यालय की सबसे खतरनाक परंपरा है—’डिजिटल अंधविश्वास’। “इस मैसेज को तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम 5 बजे तक बहुत बड़ी खुशखबरी मिलेगी। अगर इग्नोर किया तो 7 साल का दुर्भाग्य पीछे पड़ जाएगा।” लोग डर के मारे बिना पढ़े ही पूरे खानदान के फैमिली ग्रुप में इस कचरे को फैला देते हैं।

काक-वाणी का ज्ञान-मंत्र

मित्रों, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का एक ही मूल मंत्र है—‘बिना सोचे, बिना जांचे, तुरंत फॉरवर्ड करो!’ लेकिन अगर आप अपनी बुद्धि का थोड़ा सा भी इस्तेमाल करेंगे, तो आपको समझ आएगा कि जिस मैसेज पर ‘Forwarded many times’ लिखा है, वह ज्ञान नहीं बल्कि डिजिटल रायता है। इसलिए अगली बार जब कोई नासा की चेतावनी भेजे, तो उनसे बस नासा का स्पेलिंग पूछ लीजिएगा, सारा वैज्ञानिक भूत उतर जाएगा!

कागा जी