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भावना के जादूगर विवेक एक ऐसा लड़का था जो हमेशा

भावना के जादूगर

विवेक एक ऐसा लड़का था जो हमेशा से दूसरों की मदद करने में खुश रहता था। वह बचपन से ही भावनाओं के महकते फुल थे। वह अपनी माँ को तंग करता था जो उन्हें इस संसार से सुप्रसन्न नहीं रख पाती थी। उनकी शिकायत का एक ही कारण था, अगर वह अपने इंसानियत के भावों का सम्मान नहीं करता तो क्या उसे जीना वाकई वापस आ रहा है?

विवेक के दिल में इस विचार की अमिट ताकत ठहरी थी कि हर एक इंसान के अंदर भावनाओं की एक खूबी होती है। इसमें कोई शक नहीं था, लेकिन यह समझना उसके लिए थोड़ा मुश्किल था कि प्रत्येक व्यक्ति की भावनाएं में सत्य होता है या नहीं।

एक दिन, विवेक ने अपनी स्कूल के प्रधानाध्यापक से बात की। वह उसने बताया कि उसे लगता है कि यह संसार एक अप्रत्याशित स्थान है। अप्रत्याशित, क्योंकि यहाँ हमें कभी पता नहीं चलता कि हम किसी भी समय हमें कब चोट पहुंचाएगा। उस परिवेश में, वह बताना चाहता था कि कुछ लोग जो अपनी भावनाओं को नुकसान पहुंचाने से बचाते हैं, वे इस संसार के सच्चे जादूगर हैं।

प्रधानाध्यापक ने उसे समझाया कि यहाँ हमेशा दर्द होगा लेकिन यह आपके अंदर किसी के लिए सबसे मूल्यवान कोष हो सकता है। यह आपको साथी और साथी का चयन करने का समय देगा।

विवेक ने समझा कि या तो हम अपनी संवेदनाओं को रख सकते हैं या फिर उन्हें चेतना करते हुए अपने हाथों से कुछ करते हैं। वह इस बात को समझने में सक्षम हो गया कि भावनाओं की दुनिया एक ऐसी है जिसमें कुछ तूफान हो सकते हैं। लेकिन वह मानता था कि इन भावनाओं को तलवार बनाकर कोई फटकार नहीं करना चाहिए। बातचीत से लेकर किसी का सामना करने तक, सभी किसी की समझ को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए।

उन दिनों, विवेक ने एक संघर्ष से गुज़रने के बाद नौकरी में जाने का फैसला किया। वह अपने नए काम के लिए तैयार हो चुका था, क्योंकि उसे यह समझ में आया था कि दूसरों की मदद करना उसका मिशन नहीं था, बल्कि उसका धर्म था।

उसकी नौकरी में जाने के बाद, वह समझता था कि उसे लोगों के साथ एक संवाद में रहते हुए उन्हें असली मदद मिलती है। अब वह लोगों को सुनता था और उनसे बात करता था। वह उन्हें सुझाव देता था और उन्हें बताता था कि वे भी कर सकते हैं।

मेहरबान जीवन, नयी दशाएं

उसने एक हफ्ते बाद एक बहुत अलग सी वस्तु में रुचि दिखाई। यह वहाँ पहुँचते ही उसकी नजरों में चमक जाती है।

एक दिन वह उस वस्तु का पता लगाने के लिए अस्पताल गया था लेकिन वहाँ उसने एक कामुक रिश्ते से जुड़े युवक की स्थिति देखी। उसका मन उसकी मदद करने के लिए तैयार था। उस युवक के वक्त की समझ करने के बाद, वह उसे एक छोटी सी शांति और आत्म विश्वास की राह दिखलाई।

विवेक ने एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया कि हमें वहाँ हमारी मदद की जरूरत होती है जहाँ हम उसकी असली अदा को नहीं जानते हों। वह सभी को इस बात पर ध्यान देने के लिए शुरू कर दिया कि सीख लें कि क्या हमें करना चाहिए, और क्या नहीं करना चाहिए।

उन्हें समझ से हुआ कि वह इस संसार के हर आदमी का महत्व समझता है जो उसे मार्गदर्शन और समझाने में सक्षम बनाए। वह दूसरों के साथ समझदारी से रखता है, और उसकी इसी खूबी के लिए लोग उसे प्यार करते हैं।

भावनाओं के व्यापार के साथ, वह पुराने और नए चेहरों से भी मिलता है। यह मानव जीवन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसे वह नहीं प्राप्त करता था जब वह अपने भावनाओं के दिवाना था।

यह समझ से देखा गया है कि आपकी भावनाएं आपकी जिंदगी के सहभागियों को आपके प्रति कैसे संवेदनशील बना सकती हैं, आपकि भावनाओं आपके ह्रदय की खुशबू होती हैं जिसे सभी आसानी से उसकी मुश्किलें कड़वी नहीं बनाती हैं।

कुछ तो लोग जद-उ-जहद से अगले लेवल पर पहुंचते हैं, वह सभी के लिए संवेदनशील नहीं हो सकते। लेकिन एक व्यक्ति के जीवन का सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है वह भावनाएं हैं जो उसके अतीत से उत्पन्न होती हैं और उसके भविष्य की ओर चली जाती हैं।

जब विवेक ने एक दिन आत्मोन्नति के बारे में पढ़ लिखकर इतना अध्ययन किया, तब उन्होंने खुद पर एक नयी नजर दाली। उन्होंने अपने सभी काम में यह गुण लागू करने का फैसला लिया कि वह संवेदनशील बनेंगे। यह जानते हुए कि वह बहुत कुछ कर सकते हैं।

विवेक ने देखा कि उसकी नई अवस्था उसे उसके हाथ में अधिक आत्मविश्वास देकर उसे ज्यादा जीने की आशा दे रही थी। उसने यह भी जाना कि यह वहाँ बहुत से ऐसे लोग थे जो अपने समय की खराबी नहीं करना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस संसार में ज्यादा अधिकार नहीं होता है।

भावनाओं के दुनिया में, वह दूसरों को सheard और मिलाप निर्माण करने की कुशलता सिखाने के लिए निरंतर आगे जाता रहा। वह और अधिक संवेदनशील बनता गया है, जो उसे अपने सभी बातों में प्रदर्शित होने वाले जीवन में परिवर्तन देने में सक्षम बनाता है।

वह अब पहचान गया था कि उसे अपनी सहयोगियों के साथ एक मार्गदर्शन जारी रखना होगा, जो उन्हें जीवन में आगे ले जाते हुए संवेदनशील बनाएगा।

वह अब जीवन का सही मकसद जानता था जो उसे अपने भविष्य के लिए बेहतर ब

कागा जी

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