‘रामायण’ की धमाकेदार कमाई: 36 करोड़ पार करके भी यश से क्यों पिछड़े रणबीर कपूर?

बॉलीवुडी गलियारों में इन दिनों सिर्फ एक ही महाकाव्य का शोर है—नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘रामायण’! रिलीज से पहले ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़े दिग्गजों के पसीने छुड़ा दिए हैं। रणबीर कपूर और यश की इस जबरदस्त भिड़ंत को देखने के लिए दर्शकों की दीवानगी का आलम यह है कि फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही 36 करोड़ रुपये का विशाल आंकड़ा पार कर लिया है। लेकिन रुकिए, ‘काक-वाणी’ की पैनी नजरों में आज एक बड़ा ट्विस्ट है! 36 करोड़ के इस जादुई आंकड़े के बावजूद रणबीर कपूर हमारे ‘रॉकिंग स्टार’ यश से पीछे रह गए हैं।

रणबीर के ‘राम’ रूप का जलवा, 36 करोड़ की बंपर शुरुआत

रणबीर कपूर के प्रशंसकों के लिए यह फिल्म किसी उत्सव से कम नहीं है। भगवान राम के किरदार में रणबीर की सादगी और शांत सौम्यता ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। एडवांस कलेक्शन की खिड़की खुलते ही जिस तरह से टिकटें बिकीं, उसने साबित कर दिया कि दर्शक बॉलीवुड के इस ‘रॉकस्टार’ को इस नए रूप में देखने के लिए बेताब हैं। 36 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है, जो यह दर्शाती है कि फिल्म ओपनिंग डे पर कमाई के नए झंडे गाड़ने वाली है।

‘रावण’ का खौफनाक जलवा: यश ने बनाई बढ़त!

अब आते हैं असली मसाले पर! आखिर इतने शानदार आंकड़े के बाद भी रणबीर, यश से पीछे क्यों हैं? दरअसल, ‘केजीएफ’ फेम सुपरस्टार यश फिल्म में ‘लंकेश’ यानी रावण की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स की मानें तो दक्षिण भारत और ओवरसीज (विदेशी बाजारों) में यश की स्टार पावर का जादू सर चढ़कर बोल रहा है। यश के प्रशंसक अपनी टिकटें इतनी तेजी से बुक कर रहे हैं कि व्यक्तिगत क्रेज और एडवांस ट्रेंड्स के मामले में यश का पलड़ा रणबीर से थोड़ा भारी नजर आ रहा है।

काक-वाणी का टेक: बॉक्स ऑफिस पर होगा असली धर्मयुद्ध

‘काक-वाणी’ की खबरची नजरों का मानना है कि यह मुकाबला केवल दो सितारों का नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण भारत के सिनेमा प्रेमियों का है। 36 करोड़ रुपये की यह कमाई तो बस एक झांकी है, असली पिक्चर तो सिनेमाघरों में रिलीज के बाद दिखेगी। क्या राम का तेज बाजी मारेगा या रावण का रौद्र रूप बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करेगा? बॉलीवुड की हर चटपटी और तीखी खबर के लिए जुड़े रहिए ‘काक-वाणी’ के साथ!


संदर्भ मुख्य समाचार: यहाँ देखें

कागा जी