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वर्तमान से भविष्य तकतेज गति से चलती ट्रेन

Title : वर्तमान से भविष्य तक

तेज गति से चलती ट्रेन का किसी छोटे से स्टेशन पर रुकने का समय हो गया था। राजकुमार अर्जुन सिंह ने ट्रेन से उतरकर मांसपेशियों में ठंडक महसूस की तो इससे पहले कि वह कुछ कह पाए, ट्रेन चली चली चली और एक क्षण में स्टेशन का दृश्य दूर हो गया। उसने वाकई में अपनी खामोशी की कुछ आवाज़ें सुनी। वह पुराने फर्नीचर क्रीपस में खड़ा था। उस इलाके के लोग उन क्रीप्स को घरों में काम आने वाली वस्तुओं के लिये अभियोजन करते हैं।

राजकुमार ने उसको अपनी नजरों से देखा और उसने एक उसकी बाहर चिट्ठी लिखी हुई देखी। उसे लगा कि यह स्टेशन का एक लिफाफा हो सकता है। संदेह में से वह उस लिफाफे को खोलने के लिए उस सीप का पीछा करने लगा और उस पर छत्त के तले खड़ी आड़ी से जाकर उसे नजदीक से देखने लगा। उस लिफाफे में एक गुण जताई हुई थी, शादी तथा अन्य बंधन उसे नहीं आजमाएं। सभी समय पर प्राथमिकताएँ लोकोत्तरता करनी होंगी। और यहां, इन्हीं प्राथमिकताओं में से एक होती है, इस समय के साथ संपूर्ण वस्तुओं का उपयोग करने के लिए वर्षों से मुझे बताया जा रहा है, लेकिन आज वह प्रगति से स्वतंत्र नहीं होती और वे चलते रहते हैं। उसने सोचा कि यह लिफाफा अस्थायी में स्टेशन पर चलते स्टाफ से छूट गया होगा।

पर एक संत जो था साथ में, उसने कहा कि आप इन लाइनों से कुछ य ना चुके होंगे कि नहीं कुछ मदद नहीं कर सकते?

राजकुमार ने कहा: “आप मेरी मदद कर सकते हैं, मुझे इस चिट्ठी की पहचान करने में मदद कर सकते हैं।”

संत स्मार्टी गुरु हुए और सहयोग में इसको सूचना कर एक व्यक्ति के द्वारा जो इस समय एक तरह के विरोधी कार्यक्रम को आयोजित कर रहा था उसे मिलाने की कोशिश की।

दो घंटे बाद सैकड़ों उन लाइनों में से वह एक अदभुत परिणाम निकला था कि चिट्ठी उसी क्रीप में मिली गयी थी।

राजकुमार ने संत को धन्यवाद दिया और उसे एक अनुपम ब्लूबेरी फ्रूट केक दिया और उसने उससे कहा कि आप यह तुरंत खा लो, इससे आपकी शक्ति बढ़ती है।

वे दोनों उस क्रीप जा रहे थे तो वह एक प्रतिकार से मिला, एक युवती से।

दोनों महसूस कर घबरा गये।

इसके बाद राजकुमार अर्जुन सिंह उसके साथ चलने को उत्सुक हो गया था कि वह युवती कौन थी? यह क्या था और इससे उसकी संबंधिता क्या थी?

उसने उसे आगे कब्र स्थापित किया, वह उस शहर में कौन थी? उसके दोस्त या उसके प्रियजन को क्या पता था कि उसे मार दिया गया था?

राजकुमार ने एक जाँच करवाई और जैसा कि उन्होंने सोचा था, वह समझ गया कि यह शहर कमजोरी से जूझ रहा है। इसका मुख्य कारण इस समय का अतिरिक्त प्रभावी आर्थिक दबाव था। यह था एक बड़ा आर्थिक संकट। कमजोर स्थानीय तंत्र का विकास नहीं हुआ था, जो इस दर्शन को संहारित करने के लिए आवश्यक है।

राजकुमार ने विकल्पों पर सोचा और अंततः इस मौलिक ऐप को देखा, जो इस शहर के जीवन में एक नया अध्यात्मिकता दे सकती है, गिरती शिक्षा, सभी वर्गों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण होगी और इसमें सहभागिता लेने वाले लोग विकास में शामिल होंगे।

राजकुमार ने इस ऐप का उपयोग करते हुए लोगों को इस कनेक्शन के साथ संपर्क में आने में मदद की। यह एक ऐसा सिस्टम था जो शहर की जिम्मेदारी लेता था, संबंधों को मजबूत करता था और शहर को आगे बढ़ाने में मदद करता था। उसके संचालन की पहल देखते हुए, शहर के लोग इसमें शामिल हुए और सबसे संवेदनशील परिस्थिति में भी एक दूसरे के साथ संयोजन में रहे।

कुछ समय बाद उनकी इस योजना में सक्रिय भूमिका लेने वाले लोगों ने एक नया संकल्प बनाया। वे देश के दूसरे शहरों के लोगों को इस विचार और साझेदारी में शामिल करने का प्रयास कर रहे थे। एक साझेदारी जो देश के सभी क्षेत्रों में झलकती हो, जहाँ सभी लोग एक दूसरे से सहयोग कर सकें और विकास के लिए नये आइडिया बना सकें।

राजकुमार अर्जुन सिंह का पहला कदम ने शहर को आगे बढ़ाया था, पर वह एक नये विश्वास की शुरूआत की थी। ऐसी भावना की ताकत के आगे, संजीवनी वातावरण में बदल गया था और शहर में मानवता, स्वतंत्रता, और सहयोग को बढ़ावा मिला था।

कागा जी

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