व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया ‘रिसर्च’: नासा का ठप्पा, यूनेस्को का अवार्ड और 11 फॉरवर्ड का चमत्कार!

प्रणाम! ‘काक-वाणी’ के विशेष स्तंभ ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ में आपका स्वागत है। हमारे देश में उच्च शिक्षा के कई संस्थान हैं, लेकिन जो ज्ञान आपके फोन की 5-इंच की स्क्रीन पर रोज सुबह 6 बजे टपकता है, उसका मुकाबला तो ऑक्सफोर्ड या कैम्ब्रिज भी नहीं कर सकते। जी हां, हम बात कर रहे हैं हमारे आदरणीय ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ की, जहां नासा (NASA) दिन-रात भारतीय अंकलों के लिए वैज्ञानिक रिसर्च करता है और यूनेस्को (UNESCO) हर दूसरे दिन भारत को कोई न कोई ‘सर्वश्रेष्ठ’ का मेडल बांटता फिरता है।

नासा की रातों की नींद और 11 फॉरवर्ड का ‘चमत्कार’

व्हाट्सएप पर फैला सबसे महान सच यह है कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पास और कोई काम नहीं बचा है। कभी नासा यह पुष्टि करता है कि दीवाली की रात अंतरिक्ष से केवल भारत ही जगमगाता है, तो कभी वे दावा करते हैं कि संस्कृत बोलने से कंप्यूटर का प्रोसेसर 100 गुना तेज हो जाता है। फैक्ट-चेक: अगर आप “ओम नमः शिवाय” लिखा हुआ मैसेज 11 लोगों को फॉरवर्ड नहीं करेंगे, तो आपकी किस्मत खराब नहीं होगी और न ही आपका फोन ब्लास्ट होगा। नासा वाले आज भी यह सोचकर हैरान हैं कि उन्होंने मंगल ग्रह पर कम और हमारे फैमिली ग्रुप्स में ज्यादा काम किया है!

यूनेस्को का इकलौता काम: भारत को ‘बेस्ट’ घोषित करना

व्हाट्सएप ब्रह्मांड में यूनेस्को के पास केवल एक ही विभाग है—’भारत प्रशंसा विभाग’। इस विभाग का काम रोज सुबह उठकर हमारे राष्ट्रगान को ‘दुनिया का सबसे बेहतरीन राष्ट्रगान’, हमारे प्रधानमंत्री को ‘सर्वश्रेष्ठ नेता’ और वायरल मैसेजों के अनुसार हमारी ‘अदरक वाली चाय’ को ‘विश्व की सबसे जादुई ड्रिंक’ घोषित करना है। फैक्ट-चेक: यूनेस्को के अधिकारी खुद परेशान हैं कि उन्होंने कब ये सर्टिफिकेट जारी किए। लेकिन हमारे ‘फॉरवर्ड वीरों’ को यूनेस्को की वेबसाइट से क्या मतलब, जब मैसेज के ऊपर ‘Forwarded Many Times’ का तमगा लगा हो!

नीम, हल्दी और मोबाइल बैटरी का ‘घरेलू इलाज’

मेडिकल साइंस बेचारी तो बेवजह बदनाम है। व्हाट्सएप के परम ज्ञानी डॉक्टरों की मानें तो गर्म पानी में नींबू और सेंधा नमक मिलाकर पीने से न केवल असाध्य रोग ठीक होते हैं, बल्कि कमजोर वाई-फाई नेटवर्क भी तेज पकड़ने लगता है। इन नुस्खों पर भरोसा करने से पहले याद रखें कि व्हाट्सएप का ज्ञान सेहत के लिए उतना ही खतरनाक है जितना बिना ब्रेक की साइकिल चलाना।

काक-वाणी का ज्ञान-बाण

सत्य यह है कि ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने से कोई मोक्ष नहीं मिलता, बल्कि दिमाग का दही जरूर होता है। अगली बार जब कोई कहे कि “इस मैसेज को तुरंत 10 लोगों को भेजें”, तो रुकिए, थोड़ा मुस्कुराइए और उस मैसेज को डिलीट कर दीजिए। यकीन मानिए, समाज आपको दुआएं देगा!

कागा जी