व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया ‘फैक्ट चेक’: जब नासा और यूनेस्को मिलकर चमकाते हैं आपका झूठ

भारत में सत्य की खोज अब गूगल या किसी लाइब्रेरी में नहीं, बल्कि व्हाट्सएप के ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ वाले संदेशों में होती है। जब से ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ ने अपना खुद का ‘फैक्ट चेक’ विभाग खोला है, तब से देश के असली वैज्ञानिकों और इतिहासकारों की नौकरियां खतरे में पड़ गई हैं। अब किसी भी अफवाह को सच साबित करने के लिए किसी सबूत की जरूरत नहीं होती, बस नीचे ‘नासा ने इसकी पुष्टि की है’ लिखना ही काफी होता है।

नासा का नया दफ्तर: सीधे आपके इनबॉक्स में

हालिया ‘व्हाट्सएप फैक्ट चेक’ के अनुसार, नासा ने भारतीय समय के अनुसार रात को ठीक 2:32 बजे एक विशेष उपग्रह छोड़ा है, जिसने यह साबित किया है कि अगर आप सुबह उठकर तांबे के लोटे में पानी पीते हुए पड़ोसी की बुराई करेंगे, तो आपके घर में सीधे धन की वर्षा होगी। इस खबर को व्हाट्सएप के फैक्ट चेकर्स ने ‘सौ प्रतिशत प्रमाणित’ घोषित किया है। प्रमाण के तौर पर उन्होंने नासा के किसी वैज्ञानिक की जगह ‘जनार्दन त्रिपाठी’ की फोटो लगाई है, जो धोती पहनकर सुपरकंप्यूटर पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।

यूनेस्को का साप्ताहिक पुरस्कार समारोह

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के नए शोध के अनुसार, यूनेस्को का एकमात्र काम अब केवल भारत के राष्ट्रगान, तिरंगे और हाल ही में ‘शर्मा जी के बेटे’ की मार्कशीट को ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करना रह गया है। हर सोमवार सुबह, इस फैक्ट चेक विभाग द्वारा एक नया यूनेस्को सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। हालांकि, यूनेस्को के पेरिस मुख्यालय को खुद इस बात की खबर नहीं होती कि उन्होंने सुबह-सुबह कौन सा नया इतिहास रच दिया है। लेकिन व्हाट्सएप का नियम स्पष्ट है: “अगर मैसेज के अंत में ‘जय हिंद’ या ‘इसे 11 लोगों को भेजें’ लिखा है, तो सवाल उठाना सीधे तौर पर देशद्रोह माना जाएगा।”

‘फॉरवर्ड’ का गणित और ज्ञान की गंगा

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के कुलपति का मानना है कि जितनी बार एक मैसेज फॉरवर्ड होता है, उसकी सत्यता उतनी ही गुना बढ़ जाती है। यदि एक झूठ को 10,000 बार फॉरवर्ड किया जाए, तो वह अल्बर्ट आइंस्टीन के सिद्धांतों से भी बड़ा सच बन जाता है। इस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह भी साबित किया है कि तुलसी के पत्ते को मोबाइल के पीछे चिपकाने से खतरनाक रेडिएशन सीधे ‘अमृत’ में बदल जाता है। ऐसे में किसी वास्तविक फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट की क्या औकात, जो हमारे फूफाजी के भेजे ज्ञान पर उंगली उठा सके?

काक-वाणी की ओर से चेतावनी: इस नए फैक्ट चेक विभाग से सावधान रहें। यहाँ ज्ञान बिल्कुल मुफ़्त मिलता है, लेकिन समझदारी की भारी कीमत चुकानी पड़ती है। अगली बार जब आपके पास सोने की बारिश कराने वाला मैसेज आए, तो छाता तानने के बजाय सीधे अपना इंटरनेट बंद कर लें।

कागा जी