व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का महा-ज्ञान: जब नासा ने बजाई ताली और यूनेस्को ने दी गाली!

स्वागत है व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में!

अगर आपके पास स्मार्टफोन है और आपके परिवार का एक ‘फैमली ग्रुप’ है, तो बधाई हो! आप दुनिया के सबसे बड़े ज्ञान के महासागर, यानी “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी” के छात्र बन चुके हैं। यहाँ किसी प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होती, बस अंगूठे में थोड़ा दम और ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने की फुर्ती होनी चाहिए। हमारे देश में ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड की डिग्रियां भले ही धरी की धरी रह जाएं, लेकिन व्हाट्सएप के ज्ञानियों का रुतबा कभी कम नहीं होता। यहाँ हर व्यक्ति वैज्ञानिक, डॉक्टर और इतिहासकार है।

यूनेस्को और नासा का भारत प्रेम

इस यूनिवर्सिटी के सबसे पसंदीदा रिसर्च फेलो हैं—यूनेस्को (UNESCO) और नासा (NASA)। हर साल दिवाली पर नासा अंतरिक्ष से भारत की ऐसी जगमगाती तस्वीर खींचता है, जिसे देखकर खुद नासा के वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं कि उन्होंने यह चमत्कार कब किया! वहीं यूनेस्को का तो मुख्य काम ही यही रह गया है कि वह हर दूसरे दिन भारत के राष्ट्रगान को “दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान” घोषित करे या हमारे प्रधानमंत्री को “सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री” का तमगा बांटे। हालांकि, जब आप यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएंगे, तो उन्हें इस बात की भनक तक नहीं होगी। लेकिन हमारे व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन इस बात की पुष्टि ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ के साथ पूरे ठसके से करते हैं।

इलाज ऐसा कि यमराज भी शर्मा जाएं

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में तो इस यूनिवर्सिटी ने नोबेल पुरस्कार विजेताओं को भी पीछे छोड़ दिया है। कैंसर का इलाज? सुबह उठकर गरम पानी में नींबू निचोड़ लीजिए! कोरोना का अचूक तोड़? नाक में दो बूंद सरसों का तेल डालिए और बीमारी गायब! यहाँ तक कि अगर आपको रातों-रात अमीर बनना है, तो बस एक जादुई संदेश को ग्यारह लोगों को भेज दीजिए, शाम तक लक्ष्मी जी सीधे आपके बैंक खाते में जीपे (GPay) कर देंगी। इस परम ज्ञान को फैलाने में हमारे आदरणीय फूफाजी और मौसाजी दिन-रात एक किए रहते हैं। उनके लिए इस ज्ञान को आगे न बढ़ाना सीधे-सीधे राष्ट्रद्रोह के समान है।

फैक्ट-चेक की जरूरत किसे है?

जब आप इन महा-ज्ञानियों को बड़ी विनम्रता से बताते हैं कि “फूफाजी, यह खबर फेक है, मैंने गूगल पर चेक किया है,” तो उनका सदाबहार जवाब आता है—”मुझे क्या पता भाई, जैसा आया वैसा आगे भेज दिया (Forwarded as received)!” यानी अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करने पर इस यूनिवर्सिटी में सख्त पाबंदी है। काक-वाणी का आज का संदेश यही है कि अगली बार जब आपके पास कोई सनसनीखेज खबर आए, तो ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने से पहले अपने दिमाग का ‘फैक्ट-चेक’ जरूर कर लें। वरना नासा वाले सचमुच आपके घर आकर आपका वाई-फाई काट देंगे!

कागा जी