सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का बड़ा धमाका: अब हर गली में बजेगा सिनेमा का डंका, बंद थियेटरों की लौटेगी रौनक!

अरे ओ काका! अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि भारतीय सिनेमा जगत में एक ऐसा धमाकेदार फैसला हुआ है, जिसकी गूंज सीधे दिल्ली के गलियारों से लेकर मायानगरी मुंबई तक सुनाई दे रही है। जी हां, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की किस्मत चमकाने और सिनेमा इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देने के लिए दो मास्टरस्ट्रोक खेले हैं। अब हमारे बॉलीवुड के किंग Shah Rukh Khan की एंट्री हो या फिर साउथ का कोई तगड़ा एक्शन, दर्शक इसे और भी भव्य अंदाज में देख पाएंगे!

मंत्रालय की दो बड़ी सौगातें: क्या है यह मास्टरप्लान?

‘काक-वाणी’ के खबरियों को मिली ताज़ा जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने भारतीय फिल्मों के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए दो मुख्य पहलों (Initiatives) की शुरुआत की है। पहली पहल का मकसद देश में फिल्मों की शूटिंग को बेहद आसान बनाना यानी ‘ईज ऑफ फिल्म मेकिंग’ को बढ़ावा देना है। अब फिल्म मेकर्स को शूटिंग की परमिशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सिंगल विंडो क्लीयरेंस के जरिए काम चुटकियों में होगा!

दूसरी बड़ी पहल है देश भर में सिनेमा इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना। यानी छोटे शहरों और कस्बों में नए सिनेमाघर खुलेंगे और बंद पड़े सिंगल स्क्रीन्स को फिर से जिंदा किया जाएगा। जब गांव-गांव तक थियेटर पहुंचेंगे, तो फिल्मों का बिजनेस भी तो रॉकेट की रफ्तार से बढ़ेगा!

सिंगल स्क्रीन का पुनर्जन्म, मेकर्स की खिली बांछें!

अक्सर देखा गया है कि बड़े शहरों के चमचमाते मल्टीप्लेक्स की वजह से छोटे कस्बों के सिनेमाघर दम तोड़ रहे थे। लेकिन सरकार के इस नए कदम से अब छोटे शहरों के दर्शकों को भी अपनी पसंदीदा फिल्में बड़े पर्दे पर देखने का मज़ा मिलेगा। जरा सोचिए, जब छोटे-छोटे कस्बों में Shah Rukh Khan जैसे दिग्गजों के पोस्टरों पर ढोल-नगाड़े बजेंगे, तो माहौल कितना रंगीन होगा!

इसके अलावा, शूटिंग की प्रक्रिया आसान होने से विदेशी प्रोड्यूसर्स भी भारत की खूबसूरत लोकेशंस की तरफ खिंचे चले आएंगे, जिससे भारत जल्द ही ‘ग्लोबल फिल्मिंग हब’ बन जाएगा।

‘काक-वाणी’ का फैसला: सिनेमा की दुनिया में आने वाला है स्वर्णिम दौर!

कुल मिलाकर बात यह है कि सरकार की इन दो नई पहलों से बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि हर भाषा के सिनेमा की बल्ले-बल्ले होने वाली है। मेकर्स का समय और पैसा बचेगा, दर्शकों को सस्ते टिकट पर बेहतरीन अनुभव मिलेगा और भारतीय सिनेमा का डंका पूरी दुनिया में बजेगा। तो बस, पॉपकॉर्न तैयार रखिए, क्योंकि एंटरटेनमेंट का असली मज़ा तो अब शुरू होने वाला है!


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कागा जी