बॉलीवुड के ‘सिंघम’ यानी अजय देवगन अपनी कड़क आवाज, गंभीर आंखें और दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने तीन दशकों से फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया है। लेकिन हाल ही में इस दमदार स्टार ने एक ऐसी बात कह दी है, जिसने पूरे गलियारे में हलचल मचा दी है। अजय देवगन का मानना है कि आज के दौर में एक हिंदी फिल्म बनाना दुनिया का सबसे मुश्किल काम बन चुका है। जी हां, जब खुद ‘दृश्यम 2’ और ‘शैतान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाला स्टार यह कहे, तो बात में कुछ तो गहराई जरूर होगी!
अजय देवगन का बड़ा खुलासा: आखिर क्यों है फिल्म बनाना आफत?
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अजय देवगन ने बेबाकी से अपने दिल की बात रखी। उन्होंने कहा कि आज के समय में फिल्म बनाना लोहे के चने चबाने जैसा है। पहले के जमाने में फिल्में बनाना और उन्हें सिनेमाघरों तक पहुंचाना काफी सीधा-सरल काम होता था। लेकिन आज के सोशल मीडिया और डिजिटल दौर में, जहां हर दूसरा शख्स खुद को फिल्म समीक्षक समझने लगा है, मेकर्स के लिए राह बिल्कुल आसान नहीं रह गई है।
अजय ने बताया कि सिर्फ कैमरा लेकर शूटिंग करना ही चुनौती नहीं है, बल्कि दर्शकों की बदलती पसंद को भांपना सबसे बड़ी पहेली बन चुका है। आज के दर्शक बहुत जागरूक हैं और उनके पास मनोरंजन के कई विकल्प मौजूद हैं।
ओटीटी का तड़का और दर्शकों के नखरे
आजकल बॉलीवुड मेकर्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) से मिल रही टक्कर है। दर्शक अब घर बैठे-बैठे विश्वस्तरीय सिनेमा देख रहे हैं। ऐसे में वे थिएटर तक तभी आते हैं, जब फिल्म में कुछ बेहद खास हो। अजय देवगन खुद एक बेहतरीन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी हैं, इसलिए वे इस दर्द को बहुत करीब से समझते हैं।
फिल्मों का बजट लगातार बढ़ रहा है, और स्टार्स की फीस से लेकर वीएफएक्स (VFX) और प्रमोशन का खर्च मेकर्स का दिवाला निकाल देता है। इतनी मेहनत और करोड़ों रुपये लगाने के बाद भी अगर सोशल मीडिया पर कोई निगेटिव ट्रेंड चल जाए, तो पूरी मेहनत पानी में बह जाती है।
‘काक-वाणी’ की दो टूक सलाह
अब जब अजय भाई ने खुद यह कड़वी सच्चाई कबूल कर ली है, तो बाकी बॉलीवुड डायरेक्टर्स को भी अपनी आंखें खोल लेनी चाहिए। ‘काक-वाणी’ का तो यही मानना है कि अब दर्शकों को केवल बड़े स्टार्स के चेहरे दिखाकर थिएटर तक खींचना नामुमकिन है। अब असली राजा सिर्फ और सिर्फ ‘कंटेंट’ है। अगर कहानी में दम होगा, तो मुश्किल राहें भी आसान हो जाएंगी, वरना फ्लॉप का टैग लगने में दो मिनट भी नहीं लगते!
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