एक आदमी की कहानी | The Story of a Man
एक समय था जब भलाई के लिए आदमी लोग एक दूसरे की मदद किया करते थे। यह बात बहुत पुरानी होने के बावजूद ये आदमी कोई नहीं सुनता था। वह सिर्फ अपने ही फायदे की सोच में अपना समय बिताता था।
एक दिन उसे गर्मियों की तपती धूप में एक बूढ़ा आदमी देखा गया। वह उस स्थान से गुजर रहा था जहां खाद्य मंडली लगी हुई थी। वह बूढे आदमी को एक गिलास पानी देने गया।
बूढ़ा आदमी ने उसे धन्यवाद दिया और कुछ समय के बाद आदमी ने उससे पूछा कि आप कहाँ जाते हैं।
उस बूढ़े आदमी ने कहा: “मैं अकेला हूं और इस समय घर जाने का कोई रास्ता नहीं है। मैं इसी क्षेत्र में घूम रहा हूं।”
उस बूढ़े आदमी को देख कर आदमी में शर्मनाकी महसूस हुई और वह सदैव अकेले रहने वाले लोगों की मदद करने का फैसला कर लिया।
वह दो दिन से भी ज्यादा समय लगाकर उस बूढ़े आदमी को घर तक पहुंचाने लगा। इसके बावजूद, उसकी इस मदद को दूसरे लोगों ने मजाक उड़ाते हुए लेने की कोशिश की। इस पर, उस आदमी ने बहुत दुख हुआ लेकिन उसने इस मिथ्या समाज को प्रतिबंधित कर दिया।
अब उस आदमी ने एक यात्रा शुरू की जिसमें वह हर महीने एक नेक काम करता था। उसकी इस नेक कार्य से वह अब खुश रहता है। उसके द्वारा कर दिये गए नेक काम से लोगों को बहुत फायदा पहुंचा और उनसे उसकी मदद करने के लिए कुछ लोग भी जुड़ गए। उसने इस तरह लोगों की मदद करते हुए खुशियों की एक धुंधली झलक छोड़ दी।
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The Story of a Man | एक आदमी की कहानी