गुमशुदा आशिकी | Lost Love
जब दीपिका अपने लिए नए नए सपनों को अपनी आँखों के सामने देखती थी, तब उसे लगता था कि उसकी ज़िन्दगी में हर चीज़ अच्छी होगी, उसे जो चाहिए वहीं होगा। मगर जब वह प्यार में पड़ी, तो उसे पता चला कि उसकी आशिकी की कहानी बहुत अलग होती है।
दीपिका को उस लड़के से मिला था, जो उसे पेशे से जुड़ा था। वह एक टीवी न्यूज़ रिपोर्टर था और दीपिका एक फोटोग्राफर थी। उनकी मुलाकात से बेचैनी शुरू हो गयी थी, और फिर एक दूसरे की बहादुरी से मोहब्बत हुई थी।
दोनों में बहुत सारी बातों पर सहमति आई थी, जैसे कि खुशी से भरी ज़िन्दगी, मुलाकातों का चावला, सपनों की उड़ान और एक साथ होकर मंदिरों का दर्शन। दीपिका ने कभी भी ऐसा नहीं सोचा था कि वह इतना ख़ुश हो सकती है।
लेकिन एक दिन उन्होंने एक बदलाव का संदेश सुना, जिसमे इनके प्यार का मीठा स्वाद थोड़ा खटा हो गया था। उन्होंने अपने परिवार में कुछ अलग सोचा था और उन्हें लगा कि उन्हें उससे विचलित होना चाहिए।
दीपिका और उसके पार्टनर के बीच जब तलाक हो गया, तब उन्होंने अचानक पता चला कि जब वह साथ नहीं रहेंगे तो खुशी भी कुछ अलग होती है। वह महसूस करने लगी कि उसे अब एक अकेलापन और छोटी मीठी खुशी के बीच चुनना होगा।
पर वह इस सोच को नहीं छोड़ना चाहती थी कि वह प्यार का मतलब क्या है, तो उसने एक हफ्ते का समय लिया और फिर एक रनवे मॉडलिंग एजेंसी में काम शुरू किया। वह जितने भी आत्मविश्वास की कमी महसूस करती थी, उन्हें स्टूडियो में काम करते हुए कम होते जाते थे।
उसने अपनी आशिकी के लिए इसी तरह से इकट्ठा किए गए हर टुकड़े पर मुहर लगाई। लेकिन कुछ भूल गए थे, अब उसे मालूम नहीं था कि उसे क्या चाहिए और उसके आसपास लोग उसके पहली मुहर से ज्यादा सही थे।
पर उसके दिल में अभी भी प्यार का जज़्बा था, उससे बड़ा कुछ नहीं था, और उसे महसूस करते हुए उसने अपने गुमशुदा प्यार को खोजने का एक और कोशिश की।
उसने अपनी मुहर वाली जगहों से दूर जा कर एक नए स्थान में काम शुरू किया था। उसे उस शहर में गुमशुदा आशिक नजर आने लगे, कुछ लोग उससे प्यार करने लगे थे और कुछ लोग उसे नफरत करने लगे थे।
उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह कौन सा लोगों के साथ सही है। लेकिन एक रात उसे एक रेस्टोरेंट में जाना पड़ा, और उस रात उसे फिर से उसकी पहली लव स्टोरी याद आ गयी।
एक लड़की ने एक लड़के की कम्पनी में शामिल होने के लिए साइन अप कर दिया था, लेकिन वह गुमशुदा हो गई थी। उसके लिए उसने सोचा था कि जिस टीम में वह है, वह उससे ख़ुश न हो और इसलिए वह उसे छोड़ देगी।
लेकिन यह सिर्फ एक अंदाज़ा था, लेकिन वह सच था लेकिन उसका मतलब बदल गया जब वह उनसे शादी करने के बारे में बात करने के लिए उससे मिला।
दीपिका मुस्कुराई। वह जानती थी कि उसने अभी तक खुद को नहीं त्यागा था, लेकिन वह बहुत सोच नहीं सकती थी, वह सिर्फ अपने दिल की बातें सुनना चाहती थी। वह जानती थी कि वह मिल नहीं सकते, लेकिन उसे यहाँ खुशियाँ मिल जाएंगी।
दीपिका को खुश करने के लिए उसके अनेकों दोस्त होने चाहिए थे, जो उसे समझते थे। वह अभी भी थोड़े संघर्ष करती है, लेकिन उसकी चाहत कभी नहीं सोती। उसकी जिंदगी नयी शुरुआत करने की जरूरत है, लेकिन उसे एक और बार इसे खोने से डर लगता है।