टूटे सपनों की दास्तान
यह कहानी है एक गरीब परिवार की, जो खुशियों की तलाश में था। इस परिवार में पिता एक चपरासी और माँ एक बच्चों की दाई थी। घर का एक हिस्सा किराए पर दिया हुआ था जिससे इस परिवार को जीवन जीने का मौका मिलता था। बच्चों में एक सपना था, उनकी पढ़ाई पूरी होकर वे एक अधिकारी या डॉक्टर बनना चाहते थे। परन्तु जीवन में कुछ बातें हमें आसान नहीं मिलतीं, ऐसा ही कुछ हुआ उन बच्चों के साथ।
बच्चों की माँ उन्हें खाने का सामान लाती थी जहाँ वह किराये पर रहती थीं। सपनों से भरा हुआ था उनका मन, परन्तु ये सपने उनको पूरे करने में नाकाम रहते थे। एक बार इन बच्चों ने गरीबी से जूझते हुए अपने सपनों को छोड़ने का फैसला किया।
एक दिन बच्चों को दिल्ली जाना पड़ा जहाँ उन्हें कुछ दोस्त मिले। उन दोस्तों की मदद से उन्होंने एक मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोली। उन दोस्तों ने उन्हें जरुरी सलाह देने में मदद की और ये दुकान काफी सफलता से चलने लगी।
पहले हफ्ते में ही दुकान में अधिक से अधिक काम होने लगा और जल्द ही वे दूसरे अंदाज़े में गुज़रा करने लगे। धीरे धीरे उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करते रहे। वे एक बड़ी शिक्षा हासिल करने के बाद संघर्ष करते हुए एक दिन इस दुनिया में तंगी से दूर रहने के लिए नौकरी पर नहीं जाना होगा।
धीरे धीरे न जाने कैसे उन बच्चों के सपने फिर से जीवित हो गए। वे अपनी दुकान को बढ़ाते रहे और अब इनकी दुकानों की शाखायें अने पड़ने लगीं। दुकान की सफलता इन्हें प्रेरणा देने लगी कि अब वे अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।
इन बच्चों ने सपने देखे थे पर उनसे लड़ाई नहीं। वह अपनी गरीबी, बेरोजगारी और कम पढ़ाई के बारे में बिल्कुल नहीं सोचते जल्द ही वे सफलता के नए उद्घाटन के लिए कदम बढ़ाने लगे। यही इन बच्चों की मजबूती है, जो कि इन्हें उनके सपनों से रोक नहीं सकी।
जीते जी लोगों के दिल में नयी उमंगें जगाना बहुत जरूरी होता है। तभी आप मन की आग को बरकरार रख सकते हैं। इस सफलता की कहानी देखते हुए यह प्रतीत होता है कि हार को हमेशा एक नई लड़ाई के लिए जीत के साथ उत्तर देना चाहिए।
आज ये बच्चे अपनी कामयाबी के लिए जाने जाते हैं, बच्चों के सपनों को साकार करने की एहमियत समझे जाने के साथ वे बच्चों की बेरोजगारी दूर करने में विशेष महत्व रखते हैं। हालांकि, उनके लिए कोई ऐसी जमीन नहीं है जहां वे अपने सपनों को साकार कर सके।
आखिरकार यह सफलता उन बच्चों के लिए है, जो कभी खुशी से सुरक्षित नहीं थे। वे कमजोर नहीं हैं, वे अब साफ नजर से अपनी दृष्टि अपने सपनों पर फोकस कर रहे हैं। इस तरह सपनों को नयी उमंगें और आशाएं देने के लिए सफलता की कहानी बनी है।