टोरंटो में बजा बॉलीवुड का डंका: गोरे भी अब बोलेंगे- ‘पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!’

वाह जी वाह! लगता है अब वो दिन दूर नहीं जब टोरंटो के आलीशान सिनेमाघरों के बाहर भी समोसे और कड़क चाय की खुशबू महकेगी। ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की ताजा हेडलाइन चीख-चीख कर कह रही है – ‘Indian cinema gets its Toronto moment’। जी हां, टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में हमारी देसी फिल्मों ने ऐसा गदर का जलवा बिखेरा है कि विदेशी मेम और साहब भी अब ‘चक दे फट्टे’ चिल्लाने पर मजबूर हो गए हैं। ‘काक-वाणी’ के इस खास बुलेटिन में हम आपको बताएंगे कि कैसे सात समंदर पार हमारे सिनेमा ने अपना विजय रथ दौड़ाया है।

टोरंटो बना नया ‘मल्टीप्लेक्स’, विदेशी भी हुए दीवाने

एक जमाना था जब विदेशी लोग भारतीय फिल्मों के नाम पर सिर्फ रोना-धोना, नाच-गाना या फिर पेड़ों के चक्कर काटते हीरो-हीरोइन को ही जानते थे। लेकिन भाई साहब, अब वक्त बदल चुका है! टोरंटो की सड़कों पर अब केवल कनाडाई ठंड नहीं, बल्कि भारतीय कहानियों का गरमा-गरम तड़का भी तैर रहा है। इस बार टोरंटो फेस्टिवल में भारतीय सिनेमा की जो धमक दिखी है, उसने साबित कर दिया है कि हमारा कंटेंट अब सिर्फ लोकल नहीं, बल्कि ग्लोबल बन चुका है। अब तो गोरे क्रिटिक्स भी कतारों में लगकर हमारी फिल्मों के टिकट खरीद रहे हैं।

मसाला, एक्शन और इमोशन का ऐसा जलवा, हिल गया टोरंटो!

इस ‘टोरंटो मोमेंट’ की सबसे खास बात यह रही कि वहां सिर्फ गंभीर या आर्ट फिल्में ही नहीं सराही गईं, बल्कि हमारी कड़क और धांसू कमर्शियल फिल्मों ने भी गोरे दर्शकों को सीटियां और तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। चाहे वो रोंगटे खड़े कर देने वाला एक्शन हो, या फिर दिल को छू लेने वाला पारिवारिक ड्रामा—भारतीय फिल्ममेकर्स ने टोरंटो के सिल्वर स्क्रीन पर अपनी अनूठी कहानियों से समां बांध दिया। हॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज भी अब सिर खुजला रहे हैं कि आखिर भारतीयों के पास भावनाओं का ऐसा कौन सा खजाना है, जो सीधे दिल में उतर जाता है!

काक-वाणी की पैनी नजर: क्या ऑस्कर की तैयारी है?

अब जहां इतनी चर्चा और तारीफ होगी, वहां हमारी यानी ‘काक-वाणी’ की कौतूहल भरी नजर तो जाएगी ही। इस धमाकेदार टोरंटो सफर को देखकर साफ लग रहा है कि भारतीय सिनेमा अब सिर्फ देश के बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ या 500 करोड़ का कलेक्शन करके खुश होने वाला नहीं है। हमारी नजरें अब ऑस्कर के मंच पर तिरंगा लहराने पर हैं। तो दोस्तों, अपनी कुर्सी की पेटी बांध लीजिए, क्योंकि टोरंटो तो बस एक शानदार ट्रेलर था, असली पिक्चर तो अभी पूरी दुनिया के सिनेमाघरों में चलना बाकी है!


संदर्भ मुख्य समाचार: यहाँ देखें

कागा जी