बॉलीवुड के सबसे बेबाक और दमदार अभिनेता नाना पाटेकर को लेकर सोशल मीडिया पर एक ऐसी सनसनीखेज अफवाह उड़ी कि उनके करोड़ों फैंस के दिलों की धड़कनें पल भर के लिए थम गईं। इंटरनेट पर कथित रूप से ‘बीबीसी’ के हवाले से एक खबर तेजी से तैरने लगी, जिसमें दावा किया गया कि 75 वर्षीय नाना पाटेकर का अचानक निधन हो गया है। लेकिन ठहरिए! इससे पहले कि आप अपनी आंखों में आंसू लाएं और ‘थैंक यू गॉड’ कहने के बजाय शोक संदेश लिखना शुरू करें, ‘काक-वाणी’ आपको इस सनसनीखेज झूठ का असली सच बताने आया है।
सोशल मीडिया का ‘खतरनाक’ खेल: जिंदा नाना को मार डाला!
आजकल इंटरनेट के इस दौर में किसी भी जिंदा इंसान को सोशल मीडिया पर मार देना मानो कुछ सिरफिरों के लिए बाएं हाथ का खेल बन गया है। नाना पाटेकर जैसे दिग्गज और ऊर्जावान कलाकार के साथ भी यही भद्दा मजाक किया गया। बीबीसी के फॉर्मेट और नाम का इस्तेमाल करके एक फर्जी स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसकी हेडलाइन थी – ‘Outspoken Indian actor Nana Patekar dies suddenly at 75’। इस झूठी खबर को देखते ही व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के छात्र सक्रिय हो गए और बिना सच्चाई जाने इसे धड़ाधड़ शेयर करने लगे।
‘अच्छा है, बहुत अच्छा है’ कहने वाले नाना बिल्कुल ठीक हैं!
हम अपने पाठकों को पूरी तरह आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारे चहेते नाना पाटेकर बिल्कुल स्वस्थ और तंदुरुस्त हैं। ‘क्रांतिवीर’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले नाना को कुछ नहीं हुआ है। वह अपनी सदाबहार कड़क आवाज में आज भी कह सकते हैं – “अच्छा है, बहुत अच्छा है!” यह सिर्फ और सिर्फ ‘क्लिकबेट’ और ‘फेक न्यूज’ का एक घटिया उदाहरण है, जिसे केवल कुछ वेबसाइट्स ने व्यूज बटोरने के लिए हवा दी है। नाना इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों और सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं।
अफवाहबाजों से सावधान, काक-वाणी की चेतावनी
बॉलीवुड सितारों के निधन की ऐसी झूठी खबरें उड़ना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों को सोशल मीडिया के यमराज समय से पहले ही ‘श्रद्धांजलि’ दे चुके हैं। ‘काक-वाणी’ अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि जब तक किसी मुख्यधारा के प्रामाणिक मीडिया घराने या नाना पाटेकर के परिवार की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि न हो, तब तक ऐसी अफवाहों पर कान न धरें। ऐसी झूठी खबरें फैलाना न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि किसी के परिवार को गहरी मानसिक ठेस पहुंचाता है। इसलिए सजग रहें, और फेक न्यूज के इस वायरस को आगे न बढ़ाएं!
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