पिंजरे के तोते का राजनीतिक अवतार: पूर्व सीबीआई चीफ एम नागेश्वर राव की ‘सनातन’ छलांग!

भारत में सेवामुक्त नौकरशाहों का भविष्य इतना सुरक्षित है कि कभी-कभी लगता है यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा असल में राजनीति में प्रवेश की एक प्री-क्वालिफाइंग परीक्षा मात्र है। ताजा उदाहरण हमारे पूर्व अंतरिम सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव साहब का है। उन्होंने सरकारी फाइलों की धूल झाड़कर सीधे राजनीति के अखाड़े में कदम रख दिया है और ‘सर्वजन सनातन पार्टी’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। देश के सबसे बड़े खोजी विभाग के मुखिया से सीधे एक राजनीतिक दल के मुखिया बनने के इस सफर को ‘प्रमोशन’ कहें या ‘प्रायश्चित’, यह तो वक्त ही बताएगा।

सरकारी तोते से सीधे ‘सनातन’ सिंहासन तक

सुप्रीम कोर्ट ने कभी सीबीआई को ‘पिंजरे का बंद तोता’ कहा था। लेकिन राव साहब ने साबित कर दिया कि यह तोता न सिर्फ उड़ना जानता है, बल्कि अपनी राजनीतिक डाल चुनना भी बखूबी जानता है। जो नागेश्वर राव कभी देश के बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों और नेताओं की कुंडली खंगालते थे, अब खुद जनता के बीच अपनी नई राजनीतिक कुंडली लेकर जाएंगे। यह भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती ही है कि कल तक जो साहब दूसरों पर ‘समन’ भिजवाते थे, आज वे खुद जनता से ‘समर्थन’ की भीख मांगते नजर आएंगे। राजनीति का यह संक्रमण काल वाकई अद्भुत है!

रिटायरमेंट के बाद का सबसे सुरक्षित बिजनेस प्लान

आमतौर पर सरकारी नौकरी से रिटायर होने के बाद लोग बागवानी करते हैं या पोते-पोतियों के साथ समय बिताते हैं। लेकिन हमारे जांबाज आईपीएस अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद अचानक देश और धर्म को बचाने की ऐसी तीव्र इच्छा होती है कि वे सीधे चुनावी मैदान में कूद पड़ते हैं। ‘सर्वजन सनातन पार्टी’ का अध्यक्ष बनना भी इसी राष्ट्रसेवा का हिस्सा है। आखिर आजकल ‘सनातन’ नाम का जो ब्रांड वैल्यू है, उससे बेहतर स्टार्टअप आइडिया और क्या हो सकता है? सरकारी नौकरी में रहते हुए जो ‘निष्पक्षता’ का चश्मा पहनना पड़ता था, उसे उतारकर अब सीधे राजनीतिक चश्मा चढ़ा लिया गया है।

काक-वाणी की अंतिम चुटकी

हम तो बस यही सोच रहे हैं कि जब राव साहब अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को टिकट बांटेंगे, तो क्या उनका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन भी सीबीआई स्टाइल में होगा? क्या चुनावी रैलियों में भाषण देने की जगह वे विरोधियों के खिलाफ चार्जशीट पढ़ा करेंगे? खैर, काक-वाणी नागेश्वर राव साहब को इस नई और बेहद ‘ईमानदार’ दुनिया में कदम रखने के लिए बधाई देती है। बस डर इस बात का है कि कल को अगर उनकी इस ‘सनातन पार्टी’ पर कोई आरोप लगा, तो जांच करने वाला नया ‘तोता’ कहीं उन्हीं का कोई पुराना शागिर्द न निकल आए!


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कागा जी