बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के दमदार एक्टर-डायरेक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन इन दिनों अपनी बेहतरीन एक्टिंग और बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने एक ऐसी बात कह दी है, जिसने सिनेमा प्रेमियों और बुद्धिजीवियों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। मामला वही पुराना है- क्या सिनेमा समाज को बिगाड़ता है या समाज सिनेमा को? लेकिन पृथ्वीराज का जवाब बेहद सुलझा हुआ और दिलचस्प है।
सिनेमा समाज का आईना है या मार्गदर्शक?
पृथ्वीराज सुकुमारन का मानना है कि सिनेमा में इतनी ताकत जरूर है कि वह समाज को प्रभावित कर सके और लोगों की सोच को एक नई दिशा दे सके। लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा सच भी सामने रखा। पृथ्वीराज ने कहा, “फिल्में मूल रूप से हमारी मौजूदा हकीकत का आईना होती हैं।” यानी जो कुछ भी हमारे आस-पास घटित हो रहा है, लेखक और निर्देशक उसी को पर्दे पर उतारते हैं।
अक्सर फिल्मों पर यह आरोप लगता है कि वे समाज में हिंसा या गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा देती हैं। इस पर सुपरस्टार का कहना है कि बदलाव दोनों तरफ से होता है। फिल्में अगर लोगों की सोच बदलती हैं, तो लोगों की बदलती सोच भी फिल्मों के सब्जेक्ट तय करती है। यह एक ऐसा चक्रव्यूह है जिसमें दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। कोई भी फिल्ममेकर हवा में कहानियां नहीं बनाता। समाज में जो मुद्दे गरमा रहे हैं, वही कहानियों के रूप में सिनेमाघरों तक पहुंचते हैं।
‘द गोट लाइफ’ और हकीकत का सफर
हाल ही में रिलीज हुई पृथ्वीराज की फिल्म ‘आदुजीवितम’ (The Goat Life) इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। यह फिल्म एक व्यक्ति के संघर्ष की असली और दर्दनाक कहानी पर आधारित है। पृथ्वीराज कहते हैं कि जब हम ऐसी फिल्में देखते हैं, तो वो समाज की कड़वी सच्चाई ही होती हैं, जिन्हें हम अनदेखा नहीं कर सकते। सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज के छिपे हुए दर्द को बेनकाब करने का जरिया भी है।
काक-वाणी की दो टूक राय
अब बात करें ‘काक-वाणी’ के देसी नजरिए की, तो भाई बात बिल्कुल पते की है! पृथ्वीराज ने बिल्कुल सही नब्ज पकड़ी है। अगर समाज में प्यार है, तो पर्दे पर रोमांस दिखेगा; और अगर समाज में आक्रोश है, तो ‘सैलार’ और ‘जवान’ जैसा एक्शन दिखेगा। सिनेमा को दोष देने से पहले हमें अपने समाज को देखना होगा। आखिर आईना तो वही दिखाएगा जो उसके सामने खड़ा होगा! तो अगली बार किसी फिल्म को कोसने से पहले, अपने आस-पास की हकीकत पर भी एक नजर जरूर डाल लीजिएगा।
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