बॉलीवुड की बत्ती गुल! ‘Gondhal’ ने मारी ऑस्कर 2027 में एंट्री, क्षेत्रीय सिनेमा का बज रहा डंका

जब भी भारतीय सिनेमा की बात होती है, तो आम तौर पर लोगों के दिमाग में सबसे पहले बॉलीवुड का नाम ही आता है। लेकिन जनाब, अब वक्त बदल चुका है और हवा का रुख भी! बड़े-बड़े बजट और चमचमाते सुपरस्टार्स से सजी बॉलीवुड फिल्मों को पीछे छोड़कर हमारी रीजनल यानी क्षेत्रीय फिल्मों ने ग्लोबल लेवल पर अपना डंका बजाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सबसे सनसनीखेज खबर आई है कि बेहतरीन रीजनल फिल्म ‘गोंधल’ (Gondhal) को ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि (Official Entry) के रूप में चुना गया है। ‘काक-वाणी’ के इस खास बुलेटिन में आज हम इसी ‘गोंधल’ के शोर की बात करेंगे, जिसने बॉलीवुड के बड़े-बड़े महारथियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

आखिर क्या है ‘गोंधल’ का असली जादू?

मराठी संस्कृति और लोक कला की गहरी जड़ों से प्रेरित फिल्म ‘गोंधल’ ने अपनी बेजोड़ कहानी, बेहतरीन निर्देशन और दमदार अभिनय के दम पर ऑस्कर जूरी का दिल जीत लिया है। ‘गोंधल’ का शाब्दिक अर्थ भले ही पारंपरिक रूप से थोड़ा हंगामा या उत्सव की हलचल हो, लेकिन इस फिल्म की खामोश ताकत ने सीधे दर्शकों के दिलों को छुआ है। जहां बॉलीवुड आज भी रीमेक, सीक्वल और घिसे-पिटे फॉर्मूलों के जाल में फंसा हुआ है, वहीं ‘गोंधल’ जैसी फिल्में अपनी मिट्टी की सौंधी खुशबू और मौलिकता को बड़े पर्दे पर पेश कर रही हैं। यही कारण है कि इसे ऑस्कर 2027 की रेस के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना गया है।

रीजनल सिनेमा हुआ सुपरकूल, बॉलीवुड की बढ़ी टेंशन

भास्कर इंग्लिश की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, आज का दर्शक वर्ग केवल स्टार पावर के पीछे नहीं भागता, बल्कि उसे स्क्रीन पर सच्चाई और गहराई देखनी है। ‘कांतारा’, ‘आरआरआर’ और ‘कार्तिकेय 2’ जैसी फिल्मों की भारी सफलता ने पहले ही इस बात का संकेत दे दिया था कि असली भारत की कहानियां ही दुनिया भर में राज करेंगी। अब इस लिस्ट में ‘गोंधल’ का नाम भी शामिल हो गया है। आज न केवल भारतीय दर्शक बल्कि विदेशी दर्शक भी सबटाइटल्स के सहारे हमारे क्षेत्रीय सिनेमा को बड़े चाव से देख रहे हैं। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि सिनेमा की कोई तय भाषा नहीं होती, सिर्फ भावनाएं सच्ची होनी चाहिए।

क्या ऑस्कर का सूखा खत्म करेगी यह फिल्म?

पूरी दुनिया की निगाहें अब 2027 के ऑस्कर मंच पर टिकी होंगी। क्षेत्रीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व हमेशा से ही भारत के लिए गौरव का विषय रहा है। ‘गोंधल’ से भी देशवासियों को ढेरों उम्मीदें हैं। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म ऑस्कर की चमचमाती ट्रॉफी को अपने घर लाने में कामयाब होती है। लेकिन नतीजा चाहे जो भी हो, ‘गोंधल’ ने यह तो साबित कर ही दिया है कि अब बॉलीवुड के एकाधिकार वाले दिन लद चुके हैं और रीजनल सिनेमा पूरी दुनिया पर राज करने के लिए तैयार है!


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कागा जी