सुबह के ठीक छह बजते ही जब आपके फोन की घंटी बजती है और स्क्रीन पर उगते हुए सूरज के साथ एक चमकता हुआ गुलाब का फूल दिखाई देता है, तो समझ लीजिए कि ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ का पहला लेक्चर शुरू हो चुका है। इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के चांसलर हमारे पूजनीय शर्मा जी, वर्मा जी और उनके दूर के मौसा जी हैं। इस अद्भुत विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए किसी प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होती, बस एक स्मार्टफोन और बिना सोचे-समझे “फॉरवर्ड” बटन दबाने का अटूट हौसला होना चाहिए।
यूनेस्को का ‘बेस्ट’ अवॉर्ड और नासा की दिवाली लाइट्स का सच
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में से एक है – “यूनेस्को द्वारा भारत को सर्वश्रेष्ठ घोषित करना”। हर दूसरे महीने यूनेस्को हमारे राष्ट्रगान को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित कर देता है, कभी हमारे प्रधानमंत्रियों को दुनिया का सबसे ईमानदार नेता चुन लेता है, तो कभी हमारी संस्कृति को ब्रह्मांड की सबसे वैज्ञानिक संस्कृति मान लिया जाता है। सच्चाई यह है कि यूनेस्को के पास इतना फालतू समय ही नहीं है कि वह हर हफ्ते भारतीय व्हाट्सएप ग्रुप्स के लिए नए सर्टिफिकेट जारी करता रहे।
इसी तरह, हर दिवाली पर नासा (NASA) अंतरिक्ष से भारत की ऐसी चमचमाती तस्वीर खींचता है, जिसे देखकर लगता है कि पूरा देश एलईडी बल्ब की दुकान बन चुका है। अब भला नासा के वैज्ञानिकों को और क्या काम है, वे बस भारत की दीवाली देखने के लिए अंतरिक्ष में अपनी दूरबीनें सेट करके बैठे रहते हैं!
घरेलू नुस्खों से कैंसर का इलाज और इतिहास का कबाड़ा
इस विश्वविद्यालय का मेडिकल डिपार्टमेंट तो दुनिया के बड़े-बड़े डॉक्टरों को फेल कर देता है। यहाँ गर्म पानी में नींबू निचोड़कर पीने से कैंसर के कीटाणु सेकंडों में भस्म हो जाते हैं और कान में लहसुन की कली डालने से दिल का दौरा रुक जाता है। तथ्य यह है कि इन खतरनाक नुस्खों को आजमाने से बीमारी ठीक हो न हो, लेकिन इंसान सीधे स्वर्ग की यात्रा पर जरूर निकल सकता है। चिकित्सा विज्ञान व्हाट्सएप के “फॉरवर्डेड” मैसेज से नहीं, सालों की रिसर्च से चलता है।
इतिहास की तो यहाँ ऐसी री-राइटिंग की जाती है कि असली इतिहासकार भी अपनी डिग्रियां फाड़कर सन्यास ले लें। महाराणा प्रताप और अकबर के बीच व्हाट्सएप चैट का स्क्रीनशॉट भी यहाँ किसी दिन वायरल हो जाए, तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए!
काक-वाणी की सलाह: अंगूठे को आराम दें
काक-वाणी के इस विशेष ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ अंक का सार यही है कि स्क्रीन पर दिखने वाली हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती, और “फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स” लिखा हुआ हर मैसेज सच नहीं होता। ज्ञान बांटना पुण्य का काम है, लेकिन अफवाहें फैलाना महापाप है। अगली बार किसी भी संदेश को 11 लोगों को भेजकर चमत्कार की उम्मीद करने के बजाय, उस पर थोड़ा सा फैक्ट-चेक का तड़का लगा लें। अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें, क्योंकि दिमाग भगवान ने मुफ्त में दिया है, इसके लिए किसी डेटा पैक की जरूरत नहीं पड़ती!