Title: वास्तविकता का एहसास
एक समय की बात है जब विनोद अपनी जिंदगी में तनाव से पीड़ित था। वह नौकरी करता था और समय के कमी के चलते उसकी आंतों में तनाव की गांठ बढ़ती जा रही थी। उसे डॉक्टरों ने सलाह दी कि वह कुछ अवकाश लेकर अपनी जिंदगी में कुछ सकारात्मक काम करें।
विनोद ने सोचा कि अब अपने जीवन को बदलने का समय आ गया है। फिर उसने अपनी पुरानी दोस्त से मिलने का निर्णय किया, जो उसे बहुत पसंद थी।
वह दोस्त उसकी कल्पनाओं के सभी समान था। उसने प्रेरणादायक किताबें पढ़ीं और कुछ समय के बाद, वह अपने शहर के अनाथ बच्चों को संबोधित करने के लिए अपना एक स्कूल खोलता है।
वह स्कूल फ्लोअर्स से भरा होता है। उसमें एक बारहीं कक्षा थी। लेकिन भीख मांगने वाले बच्चों ने स्कूल में भी प्रवेश किया था। बच्चों को पढ़ाई के अलावा कुछ भी सिखाया जाता था। इससे उन्हें कुछ अच्छा लगने लगा और भीख मांगना बंद कर दिया।
विनोद अपनी सारी संबस्या को भूल गया था। उसे अच्छा लगता था कि उसके बच्चों के साथ वह अपना समय बिता रहा था। वह शिक्षा के महत्व को समझता था।
एक दिन, विनोद और उसके बच्चे बाहर खेल रहे थे। उन्होंने देखा कि एक अँधेरे घुटन नीचे आता जा रहा है। उन्होंने सोचा कि यह एक ताजा परिवर्तन है।
घटना के वक्त विनोद के पास कम काला रंग का कुत्ता भी था। वह परेशान था और भौंकता था। उसने कमरे के अंदर जाकर उससे कहा कि अपने अंदर जाकर बन्द हो जाएं। भय और छल दोनों ने उसे आक्रमण किया था। उसका कमरा खुला हो गया था।
आंखों से देखते हुए विनोद ने देखा कि बच्चों ने कुछ सीखा है। उन्होंने अपनी कुमारी बंदर वाली सुनी और उससे पूंछा कि वह बता सकती है कि नीले रंग का कमरा कहां है?
उसने बता दिया कि उसके आसपास है। तभी उसने विनोद को बताया कि वह इधर कुछ खोज रही है।
विनोद ने एक समझाए वाले लहरे को पार करा लिया और उसे बताया कि बल्कि नीले रंग का कमरा उसके वास्तविक मकान से दूर था। इस परिष्कार देखने के बाद, विनोद को विनम्रता से अपने मकान की सफाई करने का विचार आया। उसने अपने घर के बहुत सारे अपाकर्षक अंगों को ठीक करने का निर्णय लिया।
यह सोचवट विनोद के जीवन में भूमिका निभाने लगी। उसने जल्द ही एक मालिश की दुकान खोली और सैकड़ों लोगों को मालिश की सेवा दी। उसने एक अनुभवी विशेषज्ञ को अपनी दुकान में रखा और एक समझाकर रुख का काम करने का वादा किया।
उसने एक संगमरमर की संगति खरीदी ताकि उससे अपनी दुकान की सजावट कर सके।
यह विनोद के जीवन का सबसे लंबा समय था। उसने अपने जीवन की प्राथमिकता निर्धारित कर दी थी। तनाव की गांठ वहां से ही जानने लगी जहां से यह सब शुरू हुआ था और उसने एक नई शुरुआत की थी।
उसकी दुकान की सफाई और लहरों से पार नहीं होना उसे सफलता दे रहा था। उसकी आंतों में जो तनाव की गांठ थी, वह अब तबाह हो गई थी।
उसने एक अवसर में अपनी मालिश दुकान का नाम बदला और उसके जीवन में एक नया रास्ता खोला। उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई थी।
उसने अपने जीवन को वास्तविकता का एहसास किया था। उसकी जिंदगी सबसे बड़ी उपलब्धि से लदी हुई थी। उसने जीवन के प्रत्येक पल की वास्तविकता का एहसास किया था।