Title: विश्वास (Trust)
एक गांव में रहने वाले जोशी कुछ दिनों से टेंशन में थे। उनके घर की समस्या कुछ दिनों से आरंभ हुई थी जो पूरी तरह से सुलझने के बजाय बड़ी हुई थी। जोशी क्षति प्राप्त करने के बिना इस समस्या से निपट नहीं सकते थे। वे अपने समस्या के बारे में अपने दोस्तों को बताए, परिवार से भी उन्हें सही सलाह नहीं मिली।
फिर जोशी ने एक आदमी से बात की जिसने उन्हें उनकी समस्या का समाधान बताया। जोशी का मानना था कि उनकी समस्या को बिना सोचे समझे हल नहीं किया जा सकता था। तभी भोला आदमी ने जोशी से कहा कि जोशी उस आदमी को छत्र बताएं जो चोरों से बचाता हो और उनका इंटीग्रिटी पूर्ण हो।
जोशी ने इसे तुरंती किया। बहुत जल्द चतर एक लोहे का दोस्त बन गया था, जो उनकी समस्या को हल करने में मदद कर सकने को तैयार था।
फिर चतर जोशी के साथ अपने साथ कुछ चीजों को तैयार करने लगे जो जोशी की परेशानी को दूर कर सकते थे। चतर ने उन्हें सलाह दी कि वह कुछ समय के लिए अपने गांव का मार्ग निष्क्रिय करना चाहते हैं, जिससे कि वे ज्यादा समय अपनी समस्याओं को हल करने में लगा सकते हैं।
जोशी ने उनसे विश्वास किया और चतर उनकी समस्या के समाधान में फायदेमंद साबित हुए। जोशी ने समस्या को हल करने के लिए चतर के साथ अपनी सहमति दी, जो इस मुश्किल में थे।
चतर जोशी की जिंदगी को बदलने में मदद करते रहे और उनके साथ-साथ बहुत कुछ सीखते रहे। उनकी यह समस्या उन्हें कोई नई बात नहीं थी। चतर ने कहा कि जो अधिक जागरूकता रखते हैं, वे अपनी समस्याओं का समाधान करने में अच्छी तरह से सक्षम होते हैं और उनकी समस्या को निस्तारित करने में ज्यादा सक्षम होते हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वास वह फिल्म है जिसे जीता है और हम अपनी जीत को जीतने के बाद अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ते हैं। इसलिए हमें हमारी समस्याओं से आगे बढ़ना चाहिए।
जोशी ने यह बातों को समझा और चतर को एक बड़ा गुरुदास महत्वपूर्ण पदक से नवाजा।
सो यह था विश्वास नामक कहानी। जोशी को उसकी समस्या का समाधान चाहिए था लेकिन वह उसे काफी अच्छी तरह से नहीं बता पाया था। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और जिस आदमी से बात की, वह उनकी समस्या का समाधान था। विश्वास बड़ी चीज है। इसलिए आपको अपने से और दुनिया से विश्वास रखना चाहिए।