नमस्कार! ‘काक-वाणी’ के ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ विभाग में आपका स्वागत है। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं सोशल मीडिया का एक ऐसा ‘फॉरवर्डेड’ सच, जिसे जानकर नासा और इसरो के वैज्ञानिक भी अपना सिर दीवार पर मार रहे हैं।
यूनेस्को का नया और सबसे बड़ा ‘सर्टिफिकेट’
हाल ही में हमारे पारिवारिक व्हाट्सएप ग्रुप्स पर एक अत्यंत ‘विश्वसनीय’ संदेश तैर रहा है। दावा किया गया है कि यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के उन महानुभावों को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ बुद्धिजीवी’ घोषित किया है, जो सुबह 5 बजे बिना आंखें खोले कम से कम 20 लोगों को ‘गुड मॉर्निंग’ के साथ ‘पीपल के पत्ते से टपकती ओस’ और ‘जलते हुए दीये’ की तस्वीर भेजते हैं। संदेश में स्पष्ट लिखा है कि इस वैज्ञानिक प्रक्रिया से ब्रह्मांड में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
हमारी विशेष खोजी टीम (जो कि नुक्कड़ की चाय दुकान पर बैठती है) ने इस दावे का गहन ‘फैक्ट चेक’ किया। हमें पता चला कि इस संदेश के पीछे की वैज्ञानिक सोच इतनी गहरी है कि इसे समझने के लिए आपको अपनी तर्कशक्ति को अलमारी में ताला मारकर रखना होगा।
वैज्ञानिक तथ्य या सिर्फ ‘गैस’ का गुब्बारा?
वायरल मैसेज के अनुसार, अगर आप इस संदेश को 11 लोगों को तुरंत फॉरवर्ड नहीं करते हैं, तो आपके मोबाइल की बैटरी 5% प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगेगी और आपके घर का दूध फट जाएगा। इसके विपरीत, यदि आप इसे 5 ग्रुप्स में भेजते हैं, तो अगले 24 घंटों में आपको कोई बड़ा ‘चमत्कार’ देखने को मिलेगा—जैसे कि हो सकता है आपकी नाली में गिरा हुआ पांच का सिक्का वापस मिल जाए।
काक-वाणी का फैक्ट चेक:
हमने जब इस दावे की तहकीकात की, तो पाया कि यूनेस्को के पास फिलहाल दुनिया के ऐतिहासिक स्मारकों को बचाने के अलावा कोई काम नहीं है, और वे व्हाट्सएप के ‘परम ज्ञानियों’ को सर्टिफिकेट बांटने में व्यस्त नहीं हैं। पिछले साल उन्होंने हमारे राष्ट्रगान को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया था, और इस साल उन्होंने ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने वाले अंगूठे को ‘राष्ट्रीय धरोहर’ घोषित करने की तैयारी कर ली है।
निष्कर्ष: फॉरवर्ड करें और ज्ञान से मुक्ति पाएं
इस ‘व्हाट्सएप वायरल फैक्ट चेक’ का सीधा और सरल निष्कर्ष यह है कि सत्य वह नहीं है जो तथ्यों से सिद्ध हो, बल्कि सत्य वह है जो हमारे आदरणीय फूफाजी ने ‘Forwarded as received’ लिखकर ग्रुप में डाला है। इसलिए, बिना सोचे-समझे, अपनी उंगलियों को कष्ट दें और इस लेख को तुरंत 10 ग्रुप्स में साझा करें। यदि आपने ऐसा नहीं किया, तो अगले जन्म में आपको केवल नोकिया 1100 मोबाइल ही नसीब होगा!