व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया फरमान: ‘फॉरवर्डेड’ मैसेज ही है परम सत्य, नया फैक्ट-चेक फार्मूला लॉन्च!

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के कुलपति और ज्ञान के परम सागरों ने मिलकर फेक न्यूज की समस्या का एक क्रांतिकारी समाधान खोज निकाला है। अब तक तथाकथित ‘फैक्ट चेकर्स’ अपनी दाल गलाने के लिए गूगल, रिपोर्ट्स और सरकारी आंकड़ों का सहारा लेते थे। लेकिन व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह सब समय की बर्बादी है। असली WhatsApp Viral Fact Check का नया फार्मूला बेहद सरल और सौ प्रतिशत स्वदेशी है। इसके लिए किसी बुद्धि की आवश्यकता नहीं है, बस एक चालू इंटरनेट कनेक्शन और एक एक्टिव अंगूठा चाहिए।

नया नियम: ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ यानी शत-प्रतिशत सत्य

यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं (जो दिन-रात चाय की टपरी पर बैठकर देश सुधारने का काम करते हैं) ने घोषणा की है कि जिस संदेश के ऊपर “Forwarded many times” का डबल-एरो वाला टैग लग गया, उसे सीधे परम सत्य मान लिया जाए। विज्ञान का नियम कहता है कि एक झूठ को अगर एक हजार लोग फॉरवर्ड करें, तो वह स्वतः ही ब्रह्मांडीय सच में परिवर्तित हो जाता है। अब नासा (NASA) या यूनेस्को (UNESCO) से सर्टिफिकेट मांगने की जरूरत नहीं है, बस आपके फूफा जी का ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाना ही खबर की सत्यता पर अंतिम मुहर है।

यूनेस्को ने फिर घोषित किया भारत का राष्ट्रगान ‘सर्वश्रेष्ठ’

सोशल मीडिया के इस नए फैक्ट चेक के अनुसार, यूनेस्को हर सोमवार सुबह उठकर सबसे पहले भारत के राष्ट्रगान, हमारी सड़कों या हमारी किसी पुरानी इमारत को ‘विश्व की सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करने की ड्यूटी बजाता है। अगर कोई तथाकथित बुद्धिजीवी इस पर सवाल उठाए, तो उसे तुरंत ‘ग्रुप से रिमूव’ कर देना ही सबसे बड़ा फैक्ट चेक माना जाएगा। बहस करने की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि जो सच टाइपिंग से नहीं बदलता, वह ग्रुप एडमिन की उंगली के एक इशारे से बदल जाता है।

अंतिम सत्य: 11 लोगों को भेजें और सच का चमत्कार देखें

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का सबसे अचूक और वैज्ञानिक फैक्ट-चेक टूल है ‘चमत्कारी’ संदेश। अगर किसी संदेश के अंत में लिखा है कि “इसे तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा, और अनदेखा करने पर फोन की स्क्रीन टूट जाएगी,” तो समझ लीजिए कि इस खबर की प्रामाणिकता की जांच खुद देवलोक के सर्वर से की गई है। इस गंभीर वैज्ञानिक शोध के बाद, अब देश की जनता को किसी भी खबर की जांच के लिए अपने खुद के दिमाग का इस्तेमाल करने की बिलकुल जरूरत नहीं है। बस आंखें बंद करें, अंगूठा चलाएं और फैलाते रहें ज्ञान का यह पावन प्रकाश!

कागा जी