स्वागत है ‘काक-वाणी’ के सबसे ज्ञानी कोने में, जिसे दुनिया ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के नाम से जानती है। यहाँ डॉक्टरी की डिग्री ‘नीम-हकीम’ के एक फॉरवर्ड मैसेज से मिल जाती है और एस्ट्रोफिजिक्स की पढ़ाई सुबह के ‘गुड मॉर्निंग’ जीआईएफ के साथ मुफ्त में दी जाती है। हाल ही में इस महान यूनिवर्सिटी से कुछ ऐसे सच और झूठ बाहर निकले हैं, जिन्हें देखकर खुद नासा और यूनेस्को के वैज्ञानिक अपना सिर पकड़कर बैठ गए हैं।
दावा नंबर 1: यूनेस्को ने भारत के हर व्हाट्सएप ग्रुप को घोषित किया सर्वश्रेष्ठ!
व्हाट्सएप का दावा: अगर आप इस मैसेज को तुरंत 11 लोगों को भेजेंगे तो यूनेस्को आपके घर को ‘विश्व धरोहर’ घोषित कर देगा। साथ ही, रात 12 बजे आपके बैंक खाते में 15 लाख रुपये का बोनस आ जाएगा।
काक-वाणी का फैक्ट चेक: यूनेस्को वाले बेचारों को यह भी नहीं पता कि आपके पड़ोस वाले शर्मा जी ने उनके नाम का इस्तेमाल करके पूरे मोहल्ले में फर्जी ज्ञान बाँट दिया है। सच यह है कि 11 लोगों को मैसेज भेजने से सिर्फ आपका इंटरनेट डेटा खत्म होगा और आपके दोस्तों का ब्लड प्रेशर बढ़ेगा।
दावा नंबर 2: नासा ने माना, सूरज में से आ रही है ‘ॐ’ की आवाज!
व्हाट्सएप का दावा: नासा के सबसे महंगे टेलिस्कोप ने रिकॉर्ड किया है कि सूरज रोज़ सुबह आरती गाता है और अगर आप अपने फोन पर हल्दी छिड़केंगे तो आपका फोन 5G की स्पीड से भी तेज चलने लगेगा।
काक-वाणी का फैक्ट चेक: नासा के वैज्ञानिकों ने रोते हुए स्पष्टीकरण दिया है कि अंतरिक्ष में हवा ही नहीं है, तो आवाज कहाँ से आएगी? और हल्दी फोन में डालने से वह चार्ज नहीं होगा, बल्कि सर्विस सेंटर वाला आपको देखकर अपना माथा पीट लेगा।
परम सत्य: ‘फॉरवर्डेड एज़ रिसीव्ड’ की माया
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का सबसे पहला और आखिरी नियम है—‘बिना सोचे, बिना समझे, बस आगे भेज दो!’ यहाँ हर व्हाट्सएप अंकल परमाणु वैज्ञानिक हैं और हर आंटी मुख्य चिकित्सा अधिकारी। अगर किसी मैसेज के नीचे ‘100% सच्चा’ लिखा है, तो समझ लीजिए कि वह 200% मनघढ़ंत और फर्जी है।
काक-वाणी की सीख: अगली बार जब आपके पास ‘नासा’ या ‘यूनेस्को’ के नाम का कोई चमत्कारी मैसेज आए, तो उसे आगे भेजने से पहले दिमाग की बत्ती जलाएं। व्हाट्सएप को ज्ञान का भंडार नहीं, बल्कि सिर्फ गपशप का साधन समझें। वरना वो दिन दूर नहीं जब व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी वाले दावा करेंगे कि ‘चाय में बिस्किट डुबोने से भूकंप आ सकता है!’