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प्रणाम ज्ञानार्थियों! मानव सभ्यता ने पहिए का आविष्कार किया, औद्योगिक क्रांति आई, इंटरनेट आया, लेकिन ज्ञान की असली गंगा तब बही जब ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ अस्तित्व में आई। इस महान विश्वविद्यालय के कुलपति आपके परम आदरणीय फूफाजी हैं और डीन मोहल्ले के शर्माजी। यहाँ प्रवेश के लिए किसी परीक्षा की जरूरत नहीं, बस अंगूठे में ‘फॉरवर्ड’ बटन दबाने की गति होनी चाहिए।
आइए, ‘काक-वाणी’ के विशेष फैक्ट-चेक बुलेटिन में आज इस यूनिवर्सिटी के कुछ ऐसे ‘शाश्वत सत्यों’ की धज्जियां उड़ाते हैं, जिन्होंने आधुनिक विज्ञान को घुटनों पर ला दिया है।
कैंसर का इलाज: सिर्फ दो बूंद नींबू और गरम पानी!
चिकित्सा विज्ञान सालों से अरबों डॉलर फूंककर कैंसर की दवा खोज रहा है, लेकिन हमारे व्हाट्सएप के ‘फैमिली ग्रुप’ ने यह खोज मुफ्त में कर दिखाई। वायरल मैसेज का दावा है—”सुबह खाली पेट गरम पानी में नींबू निचोड़कर पिएं, कैंसर कोशिकाएं खुदकुशी कर लेंगी।”
**सच्चाई (Fact Check):** सच यह है कि नींबू शिकंजी के लिए अच्छा है, लेकिन कीमोथेरेपी का विकल्प नहीं है। इस नुस्खे से कैंसर तो नहीं भागेगा, हां, एसिडिटी जरूर हो जाएगी। अगर इस ज्ञान पर भरोसा किया, तो यमराज की तरफ से सीधे ‘ब्लू टिक’ आ सकता है।
यूनेस्को का इकलौता काम: भारतीय राष्ट्रगान को ‘बेस्ट’ घोषित करना
साल में कम से कम चार बार व्हाट्सएप पर यह संदेश तैरता है कि यूनेस्को (UNESCO) ने हमारे राष्ट्रगान को दुनिया का ‘सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान’ घोषित किया है। इसके साथ ही, दो हजार के नोट में ‘नैनो जीपीएस चिप’ होने की तकनीक भी इसी यूनिवर्सिटी के ‘डिपार्टमेंट ऑफ इमेजिनेशन’ से पास हुई थी।
**सच्चाई (Fact Check):** यूनेस्को के पास ऐसी कोई लिस्ट बनाने का फुर्सत का समय नहीं है। उन्होंने ऐसा कोई अवॉर्ड नहीं दिया। और रही बात दो हजार के नोट की, तो वह बिना किसी चिप के ही बाजार से ऐसे गायब हो गया जैसे गधे के सिर से सींग!
‘फॉरवर्डेड एज़ रिसीव्ड’ की महामारी से कैसे बचें?
इस यूनिवर्सिटी का सबसे खतरनाक वायरस है—”इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक खुशखबरी मिलेगी।” लोग डर के मारे इसे ऐसे फैलाते हैं जैसे कोरोना की तीसरी लहर हो।
‘काक-वाणी’ का सुझाव है कि अगली बार जब फूफाजी ऐसा कोई दिव्य संदेश भेजें, तो अपनी बुद्धि की ‘तीसरी आंख’ खोलें। गूगल बाबा से पूछें कि क्या वाकई नासा (NASA) ने दीवाली के दिन भारत की फोटो खींची है? आधी-अधूरी अफवाहें फैलाने से बेहतर है कि ग्रुप में केवल ‘गुड मॉर्निंग’ के लाल-गुलाबी फूलों वाले संदेश भेजकर ही देशसेवा की जाए। स्वस्थ रहें, सचेत रहें और फॉरवर्ड बटन से दूरी बनाए रखें!