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राजा और बकरी की कहानीएक राजा था जो बहुत

Title: राजा और बकरी की कहानी

एक राजा था जो बहुत अमीर था। उसके पास सभी सुख होने के बावजूद वह बहुत उदास रहता था। एक दिन उसने अपने ज्योतिषी से अपनी कुंडली देखवाई। ज्योतिषी ने बताया कि उसे कुछ समस्याएं होने वाली हैं और उसे उनसे निपटना होगा। इससे राजा का ध्यान खींच लिया और उसने पूछा कि कैसे निपटाना है।

ज्योतिषी ने बताया कि उसे एक चीज ध्यान में रखनी होगी जो वह बहुत समझदारी से करेगा। राजा ने ज्योतिषी से पूछा कि वह कौन सी चीज होती है। तो उसने बताया कि अगले दिन उसे शहर में सबसे गरीब बकरी को खरीद कर अपने घर ले जाना होगा।

राजा को लगा कि यह शायद थोड़ी सी मस्ती होगी। लेकिन वह मान गया और अगले दिन वह मार्केट में गया और उस बकरी को खरीद लिया। बकरी बहुत ही दुखी थी वह जहां भी जाती थी लोग उससे खिलवाड़ करते थे। लेकिन उस राजा के घर में जाकर उसके साथ कोई नहीं खेलता था।

राजा ने बकरी को अपने घर में एक सुरक्षित स्थान पर रख दिया था। उसने बकरी के खिलाफ कोई भी ज्यादा सीधा प्रयास नहीं किया। उसे खाने के लिए सबसे अच्छा चारा खिलाया जाता था और उसकी देखभाल की जाती थी।

धीरे-धीरे बकरी राजा को अच्छी लगने लगी और उससे अपनी मन की बातें करने लगी। रात के समय बकरी राजा के कमरे में चली आती थी और उससे भीड़ की बातें करती थी।

एक दिन जब राजा को बुरा सपना आया, उसने उस बकरी से बात की। उसने अपने सपने का विवरण किया और उसने कहा कि यह संभव है कि उन्हें पीड़ा हो सकती है।

बकरी ने ध्यान दिया और कहा कि राजा आपको किसी तरह की पीड़ा का होना नहीं चाहिए। उसने राजा को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह सभी समस्याओं से निपटने में सक्षम हैं।

बकरी के ये शब्द राजा का ध्यान खींच गए। उसने अंततः ये समझ लिया कि बकरी उसे बहुत समझती है और उसके दिमाग में बहुत सारे ज्ञान हैं। उसने एक महीने बकरी के साथ समय बिताया और उससे बहुत कुछ सीखा।

इसके बाद राजा ने बकरी को वापस उसकी ज़िन्दगी में वापस जाने दिया। वह अब उसकी ज़िन्दगी में उत्तर देने के लिए तैयार था।

राजा समझ गया कि वह अपने जीवन में अत्याधुनिक विज्ञान और तकनीकी का सामना करने के बजाय आज उसे मानवता की भावनाओं को समझने की जरूरत है। बकरी ने उसे इस बात का अंदाज़ा लगाया था कि जब वह भीड़ में था तो लोगों ने उससे अश्लील बातें की थीं लेकिन बकरी ऐसी विचारधारा नहीं रखती है। उसने उसे समझाया कि उसके दिमाग में से अश्लीलता हटा दी जानी चाहिए और उसे मानवता के साथ-साथ निष्काम कर्म की भावना को अपनाना होगा।

राजा ने बहुत थोड़ा समय उस बकरी के साथ बिताया था लेकिन उससे लिए गए उपदेश उसकी ज़िन्दगी बदलने के लिए काफी थे। हमें समय समझाने वाली बकरी जैसा होना चाहिए। हमें कुछ दुख के समय भी खुद को सम्मोहित नहीं होना चाहिए। इसी तरह हमें अपने दिमाग को साफ धोये रखना चाहिए।

कागा जी

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