“बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं…” लेकिन भारतीय सिनेमा का दायरा तो आज बड़ा भी हो रहा है और लंबा भी! वह दौर गया जब बॉलीवुड की फ़िल्में सिर्फ देश के सिंगल स्क्रीन्स तक सिमटी थीं। आज तो सात समंदर पार भी विदेशी दर्शक पॉपकॉर्न खाते हुए ‘जवान’ और ‘बाहुबली’ का लुत्फ उठा रहे हैं। जी हां, ‘काक-वाणी’ के इस मसालेदार बुलेटिन में हम बात कर रहे हैं भारतीय सिनेमा के उस डंके की, जिसकी गूंज आज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है।
सिर्फ मनोरंजन नहीं, यह है भारत की ‘सॉफ्ट पावर’
हाल ही में आई ‘इंडिया नैरेटिव’ की रिपोर्ट ने इस बात पर पक्की मुहर लगा दी है कि भारतीय सिनेमा अब वैश्विक स्तर पर भारत की सबसे बड़ी ‘सॉफ्ट पावर’ (Soft Power) बन चुका है। अब आप पूछेंगे कि ये सॉफ्ट पावर क्या बला है? जनाब, इसका मतलब है बिना किसी जोर-जबरदस्ती के, सिर्फ अपनी कला, संस्कृति, गानों और कहानियों के दम पर दुनिया के दिलों पर राज करना। और इस राजशाही के बेताज बादशाह हमारे अपने Shah Rukh Khan हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए मन्नत के बाहर ही नहीं, बल्कि पेरिस और लंदन की सड़कों पर भी फैंस की कतारें लग जाती हैं।
जब विदेशी भी गाने लगे ‘नाटू-नाटू’
क्या आपने कभी सोचा था कि लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में हॉलीवुड के दिग्गज ‘नाटू-नाटू’ गाने पर झूम उठेंगे? या जापान के लोग भारतीय फिल्मों के टिकट के लिए सुबह से लाइन लगाएंगे? आज यही हमारी हकीकत है। चीन में आमिर खान की फिल्मों की सफलता हो या रूस में राज कपूर के दौर से चला आ रहा प्यार, हमारी फिल्मों ने साबित कर दिया है कि भाषा भले ही अलग हो, लेकिन भावनाओं की कोई सरहद नहीं होती। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने इस आग में घी का काम किया है, जिससे हमारा सिनेमा हर विदेशी के मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच गया है।
मसाला, ड्रामा और वो जादुई इमोशन
आखिर विदेशी दर्शक हमारी फिल्मों की तरफ क्यों खिंचे चले आ रहे हैं? हॉलीवुड के पास बेहतरीन तकनीक और सुपरहीरोज़ तो हैं, लेकिन जो तड़क-भड़क, पारिवारिक ड्रामा, मां का प्यार और थियेटर हिला देने वाली हीरो की एंट्री हमारे पास है, उसका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। दुनिया अब ठंडे और नीरस सिनेमा से बोर हो चुकी है; उन्हें चाहिए एंटरटेनमेंट का फुल डोज़, जो सिर्फ भारत ही दे सकता है।
तो दोस्तों, अगली बार जब आप थियेटर में सीटी बजाएं, तो गर्व महसूस कीजिएगा। क्योंकि आपकी वो सीटी अब सिर्फ देश में नहीं, बल्कि पूरे ग्लोब पर गूंज रही है! सिनेमा की इस शानदार उड़ान पर आपकी क्या राय है? कमेंट सेक्शन में ‘काक-वाणी’ को जरूर बताएं!
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