व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का नया फरमान: यूनेस्को ने घोषित किया भारत को ‘संसार का सबसे संस्कारी देश’

हमारे देश में आईआईटी और आईआईएम से भी बड़ी और प्रतिष्ठित एक यूनिवर्सिटी है, जिसका नाम है “व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी”। इस यूनिवर्सिटी के मानद कुलपति हमारे दूर के फूफाजी और मौसाजी हैं, जो सुबह 5 बजे चाय की चुस्की के साथ “गुड मॉर्निंग” के फूलों के साथ-साथ दुनिया भर का अद्भुत ज्ञान बांटना शुरू कर देते हैं। इस ज्ञान की गंगा में आज हम कुछ ऐसे वायरल सच और झूठ की डुबकी लगाएंगे, जिसे देखकर न्यूटन और आइंस्टीन भी अपनी कब्र में करवटें बदल रहे होंगे।

यूनेस्को का ‘बेस्ट’ नेशनल एंथम अवॉर्ड

हर साल, विशेषकर 15 अगस्त और 26 जनवरी के आस-पास, व्हाट्सएप के पारिवारिक ग्रुप्स में एक संदेश बड़ी तेजी से तैरता है। इस संदेश में दावा किया जाता है कि यूनेस्को (UNESCO) ने भारत के राष्ट्रगान “जन गण मन” को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित किया है। कमाल की बात यह है कि यूनेस्को को खुद इस बात का पता तब चलता है, जब कोई भारतीय उनसे इस बारे में पूछता है। यूनेस्को थक चुका है यह स्पष्टीकरण देते-देते कि भाई, हम संगीत प्रतियोगिताएं नहीं कराते! लेकिन व्हाट्सएप के स्वघोषित राष्ट्रभक्त इस सच को मानने को तैयार नहीं हैं। उनके लिए तो यूनेस्को का मतलब ही “यूनाइटेड नेशंस संस्कारी कौंसिल” है।

नासा का नया आविष्कार और तुलसी के पत्ते

दूसरा सबसे बड़ा धमाका तब होता है जब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी “नासा” (NASA) को व्हाट्सएप फॉरवर्ड्स में घसीटा जाता है। पिछले दिनों एक संदेश वायरल हुआ कि अगर आप अपने स्मार्टफोन के पीछे तुलसी की दो पत्तियां चिपका दें, तो 5G रेडिएशन से पूरी तरह बच सकते हैं। बेचारे नासा के वैज्ञानिक करोड़ों डॉलर खर्च करके रिसर्च कर रहे हैं, और हमारे व्हाट्सएप के डॉक्टरों ने एक हरी पत्ती से पूरी दुनिया का रेडिएशन कंट्रोल कर दिया! इसके अलावा, ग्रहण के समय छत पर खड़े होकर ताली बजाने से कोरोना भागने की थ्योरी भी इसी महान यूनिवर्सिटी की लैबोरेट्री से निकली थी।

सच्चाई का कड़वा घूंट

अब बात करते हैं कड़वे सच की। व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का एकमात्र परम सत्य यह है कि यहां मिलने वाला 99 प्रतिशत ज्ञान पूरी तरह काल्पनिक और हानिकारक है। इस यूनिवर्सिटी की एडू-टेक सेवाएं भले ही मुफ्त हैं, लेकिन इसकी भारी कीमत हमारा समाज अंधविश्वास और अफवाहों के रूप में चुकाता है। इसलिए, अगली बार जब आपके पारिवारिक ग्रुप में कोई संदेश आए जिसमें लिखा हो कि “इसे तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक लॉटरी लगेगी”, तो उसे वहीं डिलीट कर दें। लॉटरी तो नहीं लगेगी, लेकिन समाज अफवाहों के वायरस से जरूर बच जाएगा।

कागा जी