ब्रायन लारा की ‘गुगली’: इमरान खान के दर्द में रोया वेस्टइंडीज, पाकिस्तानी जनरलों की ‘पिच’ गीली!

वाह रे कुदरत का निजाम! पाकिस्तान में वैसे तो आटा, बिजली और सरकार, तीनों ही कब गायब हो जाएं, कोई नहीं जानता। लेकिन जब क्रिकेट के शहंशाह ब्रायन लारा वेस्टइंडीज की हसीन वादियों से बैठकर रावलपिंडी की ‘पिच’ और अदियाला जेल की हवा नाप रहे हों, तो समझ लीजिए कि मामला वाकई गंभीर है। लारा साहब को अचानक याद आया कि उनके पुराने प्रतिद्वंद्वी और पाकिस्तान के पूर्व वजीर-ए-आजम इमरान खान जेल में सींखचे गिन रहे हैं। उन्होंने दुनिया से अपील की है कि इमरान को ‘सम्मान और उचित चिकित्सा’ मिलनी चाहिए क्योंकि “यह राजनीति नहीं, इंसानियत का मामला है।” हां लारा भाई, और पाकिस्तान में सेना का सरकार चलाना भी सिर्फ एक ‘हॉबी’ ही तो है!

वेस्टइंडीज से आया ‘सहानुभूति’ का तीखा बाउंसर

लारा साहब का यह बयान पाकिस्तानी हुक्मरानों के सिर पर किसी तीखे बाउंसर की तरह लगा है। जो जनरल साहबान अब तक सोच रहे थे कि इमरान खान को अंदर करके वे आराम से चैन की बंशी बजाएंगे, उन्हें अब पोर्ट ऑफ स्पेन से सीधे ‘मानवाधिकार’ की गुगली झेलनी पड़ रही है। लारा कह रहे हैं कि इमरान के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार होना चाहिए। अब कोई इन कैरेबियाई दिग्गज को समझाए कि पाकिस्तान के इतिहास में पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ ‘गरिमा’ का मतलब सिर्फ इतना होता है कि उन्हें जेल में वीआईपी सेल मिल जाए या फिर देश से बाहर भागने का मौका। इस लिहाज से तो ‘कप्तान’ अभी बहुत गरिमापूर्ण स्थिति में हैं!

पिच बदल गई, लेकिन खेल वही पुराना है!

पाकिस्तान में वैसे भी क्रिकेट और राजनीति का जन्म-जन्मांतर का रिश्ता है। वहाँ कब कोई कप्तान सीधे प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ जाए और कब प्रधानमंत्री को सीधे जेल की ‘पिच’ पर खेलने भेज दिया जाए, इसका फैसला हमेशा ‘थर्ड अंपायर’ यानी रावलपिंडी के हेडक्वार्टर से ही होता है। अब जब लारा ने इमरान के पक्ष में अपनी आवाज उठाई है, तो मुमकिन है कि शाहबाज शरीफ सरकार जल्द ही लारा को भी ‘लंदन प्लान’ या ‘विदेशी साजिश’ का हिस्सा घोषित कर दे। क्या पता, कल को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड लारा के टेस्ट क्रिकेट में बनाए 400 रनों के रिकॉर्ड को ही ‘आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला’ घोषित कर दे!

‘काक-वाणी’ का मुफ्त मशविरा

हमारा तो लारा साहब को यही मुफ्त मशविरा है कि वे वेस्टइंडीज में बैठकर कैरेबियन संगीत का आनंद लें। पाकिस्तानी राजनीति वह दलदल है जहाँ बड़े-बड़ों की ‘लाइन और लेंथ’ बिगड़ जाती है। इमरान खान को जेल में दवा मिले न मिले, लेकिन लारा की इस चिंता ने यह जरूर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान का तमाशा अब दुनिया के कोने-कोने में मशहूर हो चुका है। अंपायर भले ही उंगली न उठाए, लेकिन दुनिया अब इस खेल पर जमकर ठहाके लगा रही है!


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कागा जी