यूनेस्को का नया ऐलान: ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ बनी दुनिया की नंबर वन यूनिवर्सिटी!

अगर आपके पास भी सुबह-सुबह ‘गुड मॉर्निंग’ के फूलों के साथ कोई ऐसा संदेश आया है, जिसमें लिखा है कि ‘यूनेस्को ने जन गण मन को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रगान घोषित किया है’, तो बधाई हो! आप दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और सक्रिय विश्वविद्यालय, यानी ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के छात्र बन चुके हैं। इस विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए किसी एंट्रेंस एग्जाम या मोटी फीस की जरूरत नहीं होती। यहाँ प्रवेश पाने के लिए बस एक स्मार्टफोन, इंटरनेट पैक और उँगलियों में थोड़ी सी खुजली का होना ही काफी है।

डिग्री पाने का सबसे आसान तरीका: सिर्फ 11 लोगों को फॉरवर्ड करें

इस अद्भुत यूनिवर्सिटी का पाठ्यक्रम इतना लचीला है कि यहाँ विज्ञान, इतिहास और चिकित्सा के ऐसे अनूठे सिद्धांत रोज खोजे जाते हैं, जिन्हें सुनकर आइंस्टीन और न्यूटन भी अपनी कब्र में करवटें बदल लें। उदाहरण के लिए, नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में ‘ओम्’ की आवाज सुनी है, या फिर इलायची चबाने से कोरोना वायरस दुम दबाकर भाग जाता है। इस ज्ञान को सच साबित करने के लिए आपको किसी लैब टेस्ट की जरूरत नहीं है। बस संदेश के अंत में ‘इसे 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा’ लिखना ही इसकी वैज्ञानिक प्रामाणिकता की सबसे बड़ी मुहर है।

इतिहास और विज्ञान की ऐसी-तैसी करते हमारे ‘फॉरवर्डेड’ शूरवीर

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और प्रोफेसर आमतौर पर हमारे अपने फूफाजी, मौसाजी या पड़ोस के शर्मा जी होते हैं। इनके पास हर बीमारी का घरेलू इलाज और हर ऐतिहासिक रहस्य का अचूक समाधान होता है। सिंधु घाटी सभ्यता में इंटरनेट कैसे चलता था, से लेकर ताजमहल के नीचे कौन सा गुप्त खजाना दबा है, इसका पूरा ब्यौरा इनके पास ‘फॉरवर्डेड मैनी टाइम्स’ के टैग के साथ सुरक्षित रहता है। इतिहास की किताबें लिखने वाले इतिहासकार तो मूर्ख थे, असली इतिहास तो हमारे पारिवारिक ग्रुप्स में प्रतिदिन सुबह 6 बजे परोसा जाता है।

काक-वाणी का फैक्ट चेक: ज्ञान लें, पर चश्मा लगाकर!

‘काक-वाणी’ के इस विशेष बुलेटिन में हम आपको सचेत करना चाहते हैं कि व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से मिली डिग्रियों की बाजार में उतनी ही वैल्यू है, जितनी ताश के पत्तों में बिना जोकर वाले पत्ते की होती है। इस यूनिवर्सिटी का एकमात्र नियम है—’सोचो मत, बस फॉरवर्ड करो।’ इसलिए, अगली बार जब कोई आपको बताए कि यूनेस्को ने भारत के ₹2000 के नोट में जीपीएस चिप होने की पुष्टि की है, तो तुरंत फॉरवर्ड बटन दबाने के बजाय थोड़ा सा मुस्कुराएं और फैक्ट-चेक करें। याद रखें, ज्ञान बांटने से बढ़ता है, लेकिन बकवास बांटने से सिर्फ ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ का कचरा बढ़ता है!

कागा जी