व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के अद्भुत अविष्कार: जब नासा और यूनेस्को भी शर्मा गए!

ज्ञान का नया महासागर: व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी

दुनिया में ज्ञान प्राप्त करने के कई साधन हैं – स्कूल, कॉलेज, ग्रंथ और वैज्ञानिक शोध। लेकिन इन सबसे ऊपर एक परम पूजनीय संस्थान है, जिसे हम और आप ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के नाम से जानते हैं। यहाँ सुबह के ‘गुड मॉर्निंग’ वाले पीले गुलाब के फूलों के साथ जो ज्ञान बरसता है, उसे देखकर अल्बर्ट आइंस्टीन भी अपनी कब्र में करवटें बदल रहे होंगे। आइए, आज ‘काक-वाणी’ के इस विशेष अंक में हम व्हाट्सएप पर तैरते कुछ ‘परम सत्यों’ का तीखा और मजेदार फैक्ट-चेक करते हैं।

यूनेस्को का साप्ताहिक पुरस्कार वितरण समारोह

व्हाट्सएप के अनुसार, यूनेस्को (UNESCO) के पास केवल एक ही काम बचा है – हर दूसरे हफ्ते भारत के राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज या हमारी करेंसी को ‘विश्व का सर्वश्रेष्ठ’ घोषित करना। अगर आप भी इस मैसेज को पढ़कर गर्व से चौड़े हो गए हैं, तो कृपया अपनी छाती थोड़ी सिकोड़ लें। यूनेस्को के अधिकारियों को शायद खुद भी नहीं पता होगा कि वे व्हाट्सएप पर इतने उदार बने हुए हैं। सच तो यह है कि यूनेस्को ऐसा कोई पुरस्कार नहीं बांटता, लेकिन हमारे फूफाजी इसे फॉरवर्ड किए बिना चैन की सांस नहीं लेते।

नासा की स्पेशल दिवाली फोटोग्राफी

हर साल दिवाली की अगली सुबह एक तस्वीर वायरल होती है – अंतरिक्ष से भारत का नक्शा, जो रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहा होता है। दावा किया जाता है कि नासा (NASA) ने विशेष रूप से हमारे शर्मा जी के घर की लाइटें देखने के लिए अपना उपग्रह भेजा था। अब बेचारे नासा वाले हर साल माथा पीटते हैं कि भाई, यह सतरंगी तस्वीर कोई स्पेस इमेज नहीं, बल्कि एक थर्मायोग्राफिक एडिटेड फोटो है। लेकिन हमारे देशभक्त यूजर्स को नासा के वैज्ञानिकों से ज्यादा अपने ‘पड़ोसी’ के फॉरवर्ड पर भरोसा है।

चमत्कारी काढ़ा और मुफ्त 5G रिचार्ज

व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का मेडिकल विभाग तो इतना एडवांस है कि यहाँ कैंसर से लेकर गंजेपन तक का इलाज ‘अदरक-लहसुन और चुटकी भर हल्दी’ से हो जाता है। इसके अलावा, एक और मैसेज बहुत लोकप्रिय है – “अंबानी जी के दादाजी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 3 महीने का फ्री रिचार्ज पाने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें।” इस लिंक पर क्लिक करते ही रिचार्ज तो नहीं मिलता, लेकिन आपके बैंक खाते का सारा डेटा हैकर्स के पास जरूर पहुंच जाता है।

काक-वाणी की अंतिम सीख

व्हाट्सएप पर आए हर ज्ञान को सच मानना वैसा ही है, जैसे किसी चुनावी वादे पर भरोसा करना। इसलिए अगली बार जब कोई संदेश आए जिसमें लिखा हो – “इसे तुरंत 11 लोगों को भेजें, शाम तक शुभ समाचार मिलेगा”, तो उसे वहीं रोक दें। असली शुभ समाचार यही होगा कि आपने अपने जानने वालों को बेवकूफ बनने से बचा लिया!

कागा जी