भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ही ऐसे नाम हुए हैं जिन्होंने परदे पर सचमुच जादू बिखेरने का काम किया। ऐसे ही एक महान जादूगर और दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की खबर से न केवल दक्षिण भारतीय सिनेमा, बल्कि पूरे देश की फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घड़ी में ‘कांतारा’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने वाले कन्नड़ सुपरस्टार और निर्देशक ऋषभ शेट्टी ने भी उन्हें याद करते हुए अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और इसे सिनेमा जगत के लिए एक बड़ा नुकसान बताया है।
ऋषभ शेट्टी ने जताया गहरा दुख, बोले- ‘भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति’
ऋषभ शेट्टी ने सोशल मीडिया पर इस महान फिल्मकार को श्रद्धांजलि देते हुए एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा, “महान फिल्म निर्माता सिंगीतम श्रीनिवास राव गारू के निधन के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। भारतीय सिनेमा के लिए यह एक बहुत बड़ी और कभी न पूरी होने वाली क्षति है। उन्होंने अपने अनोखे विजन, असाधारण कहानियों और क्रांतिकारी निर्देशन से हम जैसे कई निर्देशकों को प्रेरित किया है। उनकी आत्मा को शांति मिले।”
ऋषभ शेट्टी का यह दर्द स्वाभाविक है, क्योंकि वे खुद एक ऐसे कहानीकार हैं जो सिनेमा में नए प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं। सिंगीतम श्रीनिवास राव भी अपने समय से बहुत आगे की सोच रखने वाले फिल्ममेकर थे, जिन्होंने निर्देशकों की एक पूरी पीढ़ी को लीक से हटकर सोचने का हौसला दिया।
असंभव को संभव बनाने वाले ‘विजनरी’ थे सिंगीतम
सिंगीतम श्रीनिवास राव को उनकी उन फिल्मों के लिए जाना जाता है जो अपने दौर में किसी चमत्कार से कम नहीं थीं। उन्होंने कमल हासन के साथ मिलकर ‘अप्पू राजा’ (Apoorva Sagodharargal) जैसी क्लासिक फिल्म बनाई, जिसमें कमल हासन को बौना दिखाने के लिए उन्होंने जिस लाजवाब तकनीक का इस्तेमाल किया, उसने हॉलीवुड तक को हैरान कर दिया था। इसके अलावा, बिना किसी डायलॉग के बनी शानदार साइलेंट कॉमेडी फिल्म ‘पुष्पक’ (Pushpaka Vimana) और भारत की पहली टाइम-ट्रैवल फिल्म ‘आदित्य 369’ उनके बेजोड़ विजन के चुनिंदा और बेहतरीन उदाहरण हैं।
कन्नड़, तेलुगु, तमिल और हिंदी सिनेमा में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने डॉ. राजकुमार से लेकर कमल हासन तक, सिनेमा के कई बड़े दिग्गजों के साथ यादगार काम किया और हर बार दर्शकों को कुछ नया परोसा।
काक-वाणी की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि
काक-वाणी की पूरी टीम इस महान कलासाधक को सादर नमन करती है। सिंगीतम श्रीनिवास राव आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में हमेशा अमर रहेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए सिनेमाई पाठशाला का काम करेंगी। ऋषभ शेट्टी की यह भावुक श्रद्धांजलि देश के करोड़ों सिनेमा प्रेमियों की सच्ची भावनाओं को दर्शाती है। अलविदा सिनेमा के जादूगर!
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