Title: दोस्ती का सागर
एक छोटे से गांव में एक छोटा सा बच्चा था। उसका नाम राजू था। राजू बहुत ही मस्तिष्क वाला था। वह हर चीज को जल्द समझ जाता था। उसे अक्सर अपनी याददाश्त और संख्याएँ याद रहती थीं।
राजू को सभी उड़ान भरने का शौक था और उसे एक संगीत के लिए भी बड़ा शौक था। उसने एक दिन क्वार्टर में उपलब्ध दो बजाने वाले ढोल खरीदे और फिर खुशी से इसे अपने भाई से दिखाने गया। राजू अपने भाई के साथ बड़े से समुद्र तट पर गया था, जहाँ वह ढोल बजा रहा था।
तब उसे एक लड़का ने देखा। उसका नाम अमित था। अमित संग्रहीत करता था जो कुछ जुड़ा हुआ था और राजू संगीत की मदद से उसे अपने खूबसूरत देश के बारे में बताया।
राजू और अमित पल भर में अच्छे दोस्त बन गए। दोनों केवल एक दुसरे को बेहद अच्छे दोस्त मानते थे। वे कभी-कभी अपने स्कूल से बचने के लिए एक समंदर के तट पर जाते थे। वहाँ उन्हें संगीत का ज्ञान प्राप्त हुआ, और वे आदिवासियों से बातचीत करते हुए उनसे नई-नई जानकारी हासिल करते।
दोस्त ने समझदारी से साथ वक़्त बिताया और एक दिन, उन्होंने एक समझौता किया कि उन्हें समुद्र तट पर एक नया मंज़र ढूँढना चाहिए। वे अपने सपनों के लिए एक काफी बेहतरीन समुद्र तट ढूँढ लिया था।
अब वे एक कटोरे को हाथ में लेकर स्नोर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग करते हुए समुद्र के अंदर जाते थे। वे दुनिया का सबसे खूबसूरत समुद्र तट बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे। वे समुद्र के निचले हिस्से में दुनिया की अद्भुतता को जानने और पाने के लिए पूरी तरह से खो जाते।
अगले कुछ वर्षों में, दोस्तों ने एक छोटी पानी की तलाश शुरू की। वे जानते थे कि जहां भी वे जाएं, रोचकता से भरी चीजें खोजते रहते हैं। वे इस यात्रा में मौसम, परीक्षण और समस्याओं से उबरने के बारे में अधिक जानने वाले थे। इस यात्रा वे अपनी दोस्ती के सागर में गोता लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।
दोस्तों ने उच्च समुद्र में उतारण की कोशिश की और अनेक कूल और अनोखे समुद्री चीजें बनायीं जो उन्हें एक असीमित आकाश का एक साथ विस्तार मिलता नजर आता था।
समय बीतता गया, लेकिन दोस्तों का साथ नहीं टूटा। संगीत ने उन्हें अधिक सटीकता और मजबूती से काम करना सिखाया। वे तेजी से अपने काम में बढ़ते रहे और रोचकता पर आधारित नई चीजों को जानते रहे।
एक दिन, दोस्तों ने एक समझौता किया कि उन्हें एक बड़ी तरंग कॉस्मिक स्टेशन पर भेजा जाए। वे निर्देशों के अनुसार काम करते रहे थे और सफलता हाथ लगाते रहे। इसके बाद से, दोनों आराम से दुनिया की सबसे उच्च स्थानों पर काम कर रहे हैं।
दोस्तों की दोस्ती समुद्र के समान विस्तृत हो गयी थी। वे पूरी दुनिया में जाते थे और अधिक जानकारी प्राप्त करते थे। वे हमेशा एक दूसरे की मदद करते थे और सही राह दिखाते थे। दोस्तों का सागर इतना विस्तृत था कि उसमें से कुछ मानवों को जोड़ते हुए भी नहीं कठिनाई हुई।
वे आखिरकार एक ठहराव बनाने के लिए एक समुद्री छोटी सी द्वीप पर रुक गए थे। वे वहां मिले नौजवानों के साथ समय बिताते रहे। समय के साथ दोस्तों की यात्रा चलती रही और वे अपनी जीवनी को अधिक भरपूर बनाने के लिए यात्रा पर जारी रहे।
उनकी दोस्ती का सागर कभी अन्त नहीं हुआ, और वे हमेशा एक दूसरे से जुड़े रहे। वे अपनी दोस्ती का सागर प्रकट करते रहेंगे जो इस दुनिया के विशाल भागों में एक होगा।