एक किसान का सपना
एक छोटे से गाँव में रहने वाले किसान का एक सपना था कि उसके पास एक अच्छा सा बगीचा हो जिसमें वो खुद के ही लगाये हुए फल, सब्जियाँ उगाएँ और उन्हें अमावस्या के दिन श्रद्धा से पूजा भी करे। उसकी तबियत भी आज कल थोड़ी बीमार रहती थी क्योंकि उसने बचपन में अधिक बैठके वाली खेती की वजह से कमर घायल कर ली थी जिससे उसे दबाव महसूस होता था और वो हमेशा थका हुआ होता था।
एक दिन वो गांव के अन्य किसानो के साथ बातें करते हुए एक वयस्क व्यक्ति से मिला। वो शक्तिशाली, तंत्रज्ञ और गृह वितरण के लिए विख्यात था। किसान को अच्छे से जानते हुए वो उससे बात करने लगा।
अगले दिन उस वयस्क ने उसके घर का चौबारा देखा और उसे अपने स्वयं के क्षेत्र में फसलों के साथ एक साथ रखने की बात कही। किसान ने खुशी से दोमुही मार कर हाँ कह दी। उसे बस एक सूचना दी गई कि उसे आधुनिक प्राकृतिक तकनीक को अपनानी होगी।
इस बात को सुनते ही किसान ने अपनी खेती के नए पहलू के बारे में सोचना शुरू कर दिया। उसने इंटरनेट पर संदर्भ खोजा और एक शक्तिशाली प्रबंधन सॉफ्टवेयर का नाम खोज लिया। उसने सॉफ्टवेयर को डाउनलोड किया और अपनी खेती को अपने शहर से बारह मील दूर उपलब्ध प्रबंधन सॉफ्टवेयर से संचालित करने का निर्णय लिया।
उसने इस सॉफ्टवेयर की मदद से अधिक सार्थक खेती शुरू की। इस सॉफ्टवेयर की मदद से वो अधिक सेल्फी आधारित हर्वेस्टिंग, वाउल्ट इनवेंटरी, वेदनापूर्ण जल प्रबंधन और सेल्फी आधारित कृषि विपणन जैसी तकनीकों का लाभ उठा सकता था।
एक साल में, किसान ने पांच एवं छः एकड़ भूमि का चुनाव करके, जो उसे ईश्वर की कृपा से उपलब्ध थी, एक ऐसा पौधागारों का प्लान बनाया जो उसे इच्छित फल और सब्जियां उगाने में मदद कर सकते थे।
एक और साल में, उसकी उपज के सामान में खर्चो के साथ उसकी कमाई कम से कम पुरे परिवार के खाने पर पर्याप्त थी। वो अपनी पहली फसल के तन्हाई में, अपनी उपज का खुशहाल समर्थन करते हुए, एक सार्वभौमिक किसान परिचर्चा में हिस्सा लेने के लिए एक कृषि मेले में शामिल हुआ था।
वो उस मेले में बहुत सारे नए रुझानों को सीखा और अनुभवों को साझा करने में बुरा नहीं मानता था। उसने उसमें शामिल सभी उपलब्ध पंजीकृत कृषक पोर्टल से महत्वपूर्ण जानकारी मांगी थी जो सभी से शेयर करें जो एक गुरुत्वाकर्षक विषय मानते हों।
एक और साल में, उसकी खास उपज कुछ ज्यादा होती हुई थी जो उसे दुकान वालों और नजदीकी सब्जी मंडी में आसानी से बेच कर अच्छा मुनाफा उठाने की इजाजत देती थी।
तीन सफल वर्षों के बाद, किसान ने एक अधिक व्यापक योजना बैठाई जिसमें उसकी खेती की लंबाई दोगुनी करनी थी और संतुलित पशुपालन खेती सेटअप के लिए भी सहयोग उपलब्ध होते थे।
उसने अपनी योजना को अपनाया और डेरी फार्म बनाई, जहां वह अपने उत्पादों के निर्माण में चरम गुणवत्ता वाली दूध और दूध उत्पादों का उत्पादन कर सकता था।
आज उसकी खेती खुशहाल हो चुकी है। वह लाखों किसानों के लिए प्रेरणा स्थान बन गया है। उसका सपना पूरा हो गया और वह खुश है।
किसानों के लिए एकमात्र उद्देश्य के साथ, वो लोगों को नई तकनीकों, उनके लाभों और बाकी सूबों की जानकारी मुहैया करवाते हुए अधिक सुविधा दे रहे हैं।
लेखक।