Title: एक असली फ्रेंडशिप की कहानी
यह कहानी उस दोस्ती की है, जो वास्तविक थी। यह एक सबसे साधारण और उपलब्ध जुड़ाव है जो हम सभी को प्राप्त होता है। जब मैं एक कॉलेज कार्यक्रम में जा रहा था, तो मैं उसमें एक नए बच्चे से मिला था। उसका नाम था आदित्य और हम दोनों 12वीं की कक्षा में थे। मैंने पहली बार उसके साथ एक जॉइंट क्लास में बैठा था। वह एक जोक के साथ कुछ पैदल चल रहा था, जिससे हम दोनों ने हंसा।
आदित्य बड़े ही दोस्ताने और तंगाई करनेवाले इनसान थे। हम दोनों का समय का काफी हिस्सा एक साथ काटा गया। हमारी दोस्ती तब से शुरू हुई। हम दोनों हमेशा एक-दूसरे के साथ क्लास और फील्ड ट्रिप, प्रोजेक्ट, टेक्स्टबुक, जमा करने वाला और सभी छवियों में शामिल थे। हमारे मोबाइल फोन मैसेज भिजवाने से ज्यादा ये विशाल बातचीत करने वाला पोस्टबॉक्स था। धीरे-धीरे हम अच्छे दोस्त बन गए।
हम दोनों ने परीक्षा के समय अपने अंदर के अधिकार को खो दिया था। हमारी दोस्ती स्कूल के बाहर भी बढ़ती गई है। हम दोनों कभी-कभी दो-दो दोस्त भी लाते थे या अपनी अपनी बातें दूसरों को कहते थे। गर्लफ्रेंड से लेकर जीवन की हर बात पर हम दोनों मजबूत थे। हम साथ हंसते, गाने गाते और शहर में घूमते थे।
जीवन के एक दौर में, मैं शहर से दूर चला गया था। उस समय मैंने अपना मोबाइल और इन्टरनेट भी कम कर दिया था। हम दोनों की दोस्ती कम जब होती गई थी। मैं अक्सर आदित्य से मिलने नहीं जा पाता था। फिर एक दिन, उनके जन्मदिन पर उन्होंने मुझे बुलाया था। मैं तैयार हो गया था, क्योंकि एक सच्चे दोस्त का समर्थन जहाँ भी दीखता है।
उस रात, जब मैं आदित्य के घर पहुंचा, उनकी मां ने मुझे वेलकम करते हुए समेत उन्हें देखकर कहा, “तेरे दोस्त बहुत खुश होगा तुम्हें देखकर। वह आपकी चाहत है।” सच ही था, आदित्य मुझे देखते ही खुश हो गए थे। हम दोनों ने अपने जीवन के उन दिनों की बातें कीं जब भी हम एक बात पर हंसते थे वह हाथ में कुछ न कुछ पकड़ने लगते थे। वह दोनों भाई की तरह थे।
फिर समय गुजार गया, मैंने अभिनय केंद्र में डिप्लोमा किया और फिर न्यूयार्क नहर के नाच ने चुना। मैंने अपनी जिंदगी में कुछ सफलता देखी थी लेकिन हम दोनों की उर्जा की कमी थी।
एक दिन, जब मैं दुबई गया था, तो मैंने सोचा कि चलो आदित्य को कॉल करते हैं। मैंने उनका नंबर डायल किया था और वहीं पर वह मुझे छुट्टी नहीं मिल रही है। मुझे ढीले नजर देने की आवश्यकता थी और मैंने उनके नंबर पर वॉइस मेल छोड़ा था। मैंने अपने विचार शेयर किए थे कि “मेरी जिंदगी में सही निर्णय लेना मेरे लिए सबसे मुश्किल काम होता है इसलिए मैंने सोचा कि मैं इसे आपसे साझा करूँ।” उनका जवाब मिल गया कि “मैं आपको दिल से समझ सकता हूँ अगर आपको चाहिए तो आप हमेशा मेरे साथ रह सकते हैं।”
मैं शर्त में थक गया था और मुझे उनके समर्थन और सहयोग की आवश्यकता थी। आदित्य द्वारा प्राप्त हाथ में समझ ने के बाद, मुझे उससे मिलने की जरूरत थी। एक इलाके में संबंध बनाना मैंने सोचा भी नहीं था। मैं उस रात दुबई से वापस आ गया और अब हम दोनों में फिर से सच्ची और विश्वसनीय दोस्ती हो गई।
एक सच्चे दोस्त की एक सच्ची गाथा है जो हमेशा याद रहेगी। आदित्य ने मुझे एक संतुलित और खुशी से भरी जिंदगी जीने की सलाह दी। मैं जानता हूँ कि उस्के सम्मान करना मुझे ज़्यादा हेर-फेर का सामना नहीं करना पड़ेगा और उसकी मदद से मैं अपनी सोच और जिंदगी को आगे बढ़ाऊंगा। हम दोनों ने एक-दूसरे को जो जो अपनी ज़िम्मेदारियों और बाधाओं से निकालने में मदद की थी, एक बार उसे जीता हुआ किया था जो हमेशा जीवन जीने में मदद करेगा।