जीवन का असली संगीत: एक भावुक लोककथा
एक पिता का आखिरी सबक बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से सुंदर गाँव में देवदत्त नाम का एक वृद्ध रहता था। वह अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर था। उसका एक ही पुत्र था, माधव। माधव बहुत… Continue Reading
एक पिता का आखिरी सबक बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से सुंदर गाँव में देवदत्त नाम का एक वृद्ध रहता था। वह अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर था। उसका एक ही पुत्र था, माधव। माधव बहुत… Continue Reading
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान भौतिक सुख-सुविधाएं तो हासिल कर लेता है, लेकिन मन की शांति कहीं खो जाती है। मानसिक तनाव, चिंता और अशांति आज की सबसे बड़ी समस्याएं बन चुकी हैं। ऐसे में खुद को… Continue Reading
सुबह के ठीक छह बजे जब आपकी नींद टूटती है, तो सबसे पहले दर्शन होते हैं—एक चमकते हुए पीले गुलाब के, जिसके पीछे से साक्षात सूर्यदेव उग रहे होते हैं। नीचे सुनहरे अक्षरों में लिखा होता है, “सुप्रभात! इस संदेश… Continue Reading
लंदन के ठंडे दफ्तरों में बैठकर गर्म चाय की चुस्कियां लेते हुए ‘द इकोनॉमिस्ट’ के गोरे साहबों को अचानक भारत के नागरिकों की बड़ी चिंता सताने लगी है। उनका ताजा ज्ञान आया है कि भारत सरकार बाहर वालों को रोकने… Continue Reading
साउथ के ‘नेचुरल स्टार’ यानी नानी अपनी बेहतरीन एक्टिंग के साथ-साथ अपने बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। अपनी फिल्मों से दर्शकों का दिल जीतने वाले नानी ने इस बार एक ऐसी बात कह दी है, जिसने बॉलीवुड… Continue Reading
एक अनमोल धरोहर और राजा का क्रोध मुग़ल सल्तनत में अक्सर बीरबल की बुद्धिमानी के किस्से गूंजते थे, लेकिन यह कहानी केवल चतुराई की नहीं, बल्कि दिल को छू लेने वाले एक गहरे अहसास की है। बादशाह अकबर के महल… Continue Reading
हिंदू धर्म ग्रंथों में शिव पुराण का एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। भगवान शिव की महिमा, उनके अवतारों और सृष्टि के निर्माण से जुड़े रहस्यों को समेटे हुए इस महापुराण में मानव जीवन के कल्याण का मार्ग छिपा… Continue Reading
मित्रों, स्वागत है आपका दुनिया के सबसे बड़े, सबसे सस्ते और सबसे तेजी से अज्ञान बांटने वाले संस्थान में—’व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’! यहाँ एडमिशन के लिए किसी डिग्री या प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होती, बस एक चालू इंटरनेट पैक और अंगूठे… Continue Reading
वाह! लंदन के वातानुकूलित दफ्तरों में बैठकर भारत की चिंता करने वाले ‘द इकोनॉमिस्ट’ के गोरे साहबों को अचानक हमारे लिए दर्द महसूस होने लगा है। उनका कहना है कि भारत सरकार घुसपैठियों को रोकने के चक्कर में अपने ही… Continue Reading
रामगढ़ नाम के एक शांत और सुंदर गांव में रामचरण नाम के एक वृद्ध कुम्हार रहते थे। वह मिट्टी के बहुत ही सुंदर बर्तन बनाते थे। उनका दस साल का पोता, आरव, बचपन से ही एक पैर से लाचार था।… Continue Reading