तक़दीर की चाल मेरी तक़दीर बहुत कठिन हो गयी थी। मैं
तक़दीर की चाल मेरी तक़दीर बहुत कठिन हो गयी थी। मैं थक चुकी थी, हाँ बिल्कुल थक चुकी थी। मुझे एक ऐसा व्यक्ति मिलता है जो मुझे बताता था की तक़दीर हमेशा सही होती है और ख़ुदे की मर्ज़ी होती… Continue Reading