एक उदास रात एक बार की बात है। उस दिन
Title: एक उदास रात एक बार की बात है। उस दिन रात का दिन था। कुछ लोग रात में सोना और कुछ लोग जागना पसंद करते हैं। शायद यही कारण होगा कि उस रात जो बीत गयी थी, वह कोई… Continue Reading
Title: एक उदास रात एक बार की बात है। उस दिन रात का दिन था। कुछ लोग रात में सोना और कुछ लोग जागना पसंद करते हैं। शायद यही कारण होगा कि उस रात जो बीत गयी थी, वह कोई… Continue Reading
खोज – एक अनुभव विवेक एक अध्यापक था जो कि उस स्कूल में काम करता था। उसे अपने विद्यार्थियों के साथ स्नेह था लेकिन कुछ दिनों से वह एक एहसास महसूस कर रहा था कि वह और उनके बीच कुछ… Continue Reading
हमेशा के लिए दोस्त एक छोटे से गांव में रहने वाला लड़का था जिसका नाम राजू था। राजू बहुत ही खुश और मस्त बच्चा था और सभी उसे बहुत पसंद करते थे। राजू की उम्र 8 साल थी और उसे… Continue Reading
एक अविश्वसनीय सफ़र – एक सफ़ल व्यवसायी की कहानी यह कहानी शुरू होती है एक शैक्षिक संस्था में पढ़ने वाले लड़के, राज की। राज बहुत ही अंधविश्वासी व्यक्ति था, उसे कभी भी यकीन नहीं होता था और वह हमेशा डर… Continue Reading
Title: साथी एक बच्चे की दुनिया में पहले साथी माँ होती है। वह अपनी माँ के साथ खेलता, बैठता और उसके साथ रहता है। लेकिन इस संसार में सब अनिश्चित है। एक दिन उस बच्चे की माँ मर गई। बच्चा… Continue Reading
“झूठ का साया” एक छोटी सी गांव में रहने वाले प्रताप सिंह के दो बच्चे एक साथ उग्रते थे। उनका पुत्र वीर और पुत्री सीता। प्रताप सिंह के पास कम समय होता था इस लिए वह उन्हें उतार- चढ़ाव का… Continue Reading
Title: विश्वास का मतलब एक समय की बात है, एक छोटे से गाँव में रहने वाला बच्चा नाम सुनील था। सुनील बहुत ही अच्छा बच्चा था, जो हमेशा मेहनत करता था और किसी का भला करना चाहता था। उसकी माँ… Continue Reading
Title: बचपन की यादें चारों तरफ बस्ती की नींदी नींद ले रही थी। एक छोटा सा बच्चा सड़क के किनारे जाकर खड़ा हो गया। बच्चे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा था। ना कोई गुड़िया थी जिससे बच्चा केलकुलाने लगे… Continue Reading
Title: एक नया दोस्त जीवन में हमें कई नए लोगों से मिलना पड़ता है, लेकिन कुछ लोग इतने ख़ास होते हैं जो हमें हमारी ज़िन्दगी बदलने के लिए तैयार होते हैं। यह कहानी एक ऐसे दोस्त की है। एक छोटे… Continue Reading
ऋणी पूरे दिन मेरी नजरें ईंटों के मोड़ पर टिकी हुई थीं। मैं वहां बैठा था, सोचता हुआ कि जब मैं कुछ नहीं होता हूँ, तब मेरी ज़िंदगी का मक़सद क्या होता है। मुझे पता था कि मैं यहां परेशान… Continue Reading